नीमच

धक्का-मुक्की तक पहुंचा कांग्रेस का अंदरूनी विवाद, एक-दूसरे पर पैसा खाने के लगाए आरोप, नीमच नपा में बवाल

Congress internal dispute- नीमच में फूटा कांग्रेस का आंतरिक विवाद। नपा के विशेष सम्मेलन के बाद आमने-सामने आए पार्षद, धक्का-मुक्की और तीखी नोकझोंक से मचा हंगामा।
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Jul 01, 2026
Congress internal dispute
Congress internal dispute- नीमच नगर पालिका में कांग्रेस पार्षदों में धक्का-मुक्की (फोटो सोर्स- Patrika)

MP Congress internal dispute- मध्य प्रदेश में कांग्रेस के भीतर कलह अब सड़क तक आ पहुंचा है। नीमच नगर पालिका परिषद के विशेष सम्मेलन के समापन के बाद बुधवार को कांग्रेस के दो पार्षदों के बीच नामांतरण प्रस्ताव को लेकर विवाद खुलकर सामने आ गया। परिषद की बैठक समाप्त होते ही नेता प्रतिपक्ष योगेश प्रजापति और कांग्रेस पार्षद के बीच तीखी बहस देखते ही देखते गाली गलौज और धक्का-मुक्की जा पहुंची। इस विवाद का वीडियो भी सामने आया है।

दरअसल, नेता प्रतिपक्ष योगेश प्रजापति और वार्ड क्रमांक 37 की पार्षद के प्रतिनिधि शराफत अली के बीच तीखी बहस शुरू हो गई, जो देखते ही देखते धक्का-मुक्की और अपशब्दों के आदान-प्रदान तक पहुंच गई। मौके पर मौजूद कांग्रेस और भाजपा के अन्य पार्षदों ने तत्काल हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को शांत कराया,जिससे मामला आगे नहीं बढ़ा।पुरानी नगर पालिका भवन बंगला नंबर-60 में आयोजित विशेष सम्मेलन में कुल 44 प्रस्ताव रखे गए, जिन्हें बहुमत के आधार पर पारित किया गया।

नामांतरण प्रस्ताव को लेकर भड़का विवाद, पैसे खाने के लगाए आरोप

हालांकि करीब 350 नामांतरण प्रकरणों में शामिल बोहरा समाज की महिला सकीना के नामांतरण प्रस्ताव पर नेता प्रतिपक्ष योगेश प्रजापति द्वारा पूर्व में आपत्ति दर्ज कराए जाने के मामले में विवाद की स्थिति निर्मित हो गई। बैठक के दौरान शुरू हुआ मतभेद परिषद कक्ष से बाहर निकलते ही खुलकर सामने आ गया।विवाद के बाद शराफत अली ने कहा कि परिषद ने सभी तथ्यों पर विचार करने के बाद संबंधित नामांतरण को सही मानते हुए पारित किया है।

उनका कहना था कि जब 350 नामांतरण स्वीकृत किए जा रहे थे तो केवल एक नामांतरण पर आपत्ति का कोई औचित्य नहीं था।उन्होंने आरोप लगाया कि बाहर आकर नेता प्रतिपक्ष ने यह टिप्पणी की है कि किसी ने पैसे लेकर नामांतरण पास कराया है। शराफत अली ने कहा कि बिना किसी प्रमाण के ऐसे आरोप लगाना गलत है। उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित महिला पहले से परेशान है और उसका नामांतरण नियमों के अनुरूप था,इसलिए परिषद ने उसे मंजूरी दी।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा- कांग्रेस नहीं, भाजपा पार्षदों पर लगाए थे आरोप

वहीं नेता प्रतिपक्ष योगेश प्रजापति ने विवाद के बाद अपनी सफाई देते हुए कहा कि उनका आरोप कांग्रेस पार्षदों पर नहीं, बल्कि भाजपा पार्षदों पर था। उनका कहना था कि नगर पालिका में एक सिंडिकेट की तरह काम होता है, जहां पैसे लेकर आवासीय को व्यावसायिक और व्यावसायिक को आवासीय किए जाने जैसे मामलों को मंजूरी दिलाई जाती है।उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्षदों पर उन्होंने कोई आरोप नहीं लगाया और परिषद के बाहर जो विवाद हुआ,वह गलतफहमी का परिणाम था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के साथी उनके अपने हैं और किसी प्रकार का व्यक्तिगत आरोप उन पर नहीं लगाया गया।

नपा के बाहर हुई धक्का-मुक्की

परिषद के बाहर हुए इस घटनाक्रम ने कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान को सार्वजनिक कर दिया। धक्का-मुक्की, तीखी नोकझोंक और अपशब्दों के इस्तेमाल से कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया। हालांकि अन्य पार्षदों की समझाइश के बाद मामला शांत हो गया, लेकिन नामांतरण प्रस्ताव को लेकर शुरू हुआ यह विवाद नगर पालिका की राजनीति में नई चर्चा का विषय बन गया।

Published on:
01 Jul 2026 05:55 pm