नीमच

नीमच के जिला अस्पताल में निरीक्षण के दौरान श्वान आराम करते मिले

डिप्टी कलेक्टर को जिला अस्पताल के औचक निरीक्षण पर कुत्ते सोते मिले, कलेक्टर की पहल पर अब प्रतिदिन अधिकारी पहुंचेंगे निरीक्षण करने, व्यवस्थाओं पर रहेगी सीधी नजर, मरीजों से लिया जाएगा फीडबैक
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Aug 23, 2026
Neemuch Breaing News
डिप्टी कलेक्टर की मौजूदगी में सोते मिले कुत्ते को भगाता गार्ड।

नीमच. अबतक आम जनता को ही जिला अस्पताल में कुत्ते और मवेशी खुलेआम विचरण करते दिखाई देते थे। जिला अस्पताल प्रबंधन को इस अव्यवस्था की ओर से आंखे मूंदे बैठा रहता है। शनिवार को अचानक डिप्टी कलेक्टर चंद्रसिंह धार्वे जिला चिकित्सालय के औचक निरीक्षण पर पहुंचे। उन्हें वहां ओपीडी और वार्डों में आवारा कुत्ते आराम करते मिले। इस पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की। इसके बाद मौके पर मौजूद गार्ड ने लकड़ी की मदद से कुत्तों को वहां भगाया।

कलेक्टर के निर्देश पर अब नियमित निरीक्षण
जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार लाने और आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने नई पहल शुरू की है। इसके तहत जिला अस्पताल की नियमित निगरानी के लिए अधिकारियों का ड्यूटी रोस्टर तैयार किया गया है। अब प्रतिदिन अपर कलेक्टर से लेकर डिप्टी कलेक्टर स्तर के अधिकारी अस्पताल का निरीक्षण करेंगे और व्यवस्थाओं में सामने आने वाली कमियों को मौके पर ही दूर कराने के निर्देश देंगे। इसी व्यवस्था के तहत ही शनिवार को डिप्टी कलेक्टर चंद्रसिंह धार्वे ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। उन्होंने सुबह करीब 11.30 से दोपहर 3 बजे तक अस्पताल के विभिन्न वार्डों का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान अस्पताल प्रबंधन और सिविल सर्जन से भी आवश्यक जानकारी ली गई।

वार्डों का निरीक्षण कर किया मरीजों से सीधे संवाद
डिप्टी कलेक्टर धार्वे ने सर्जिकल वार्ड, मेडिकल वार्ड, डिलीवरी वार्ड, बच्चा वार्ड, आईसीयू सहित अन्य वार्डों का निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से सीधे बातचीत कर उपचार एवं उपलब्ध सुविधाओं का फीडबैक लिया। मरीजों से यह भी पूछा गया कि इलाज के दौरान उन्हें किसी प्रकार की परेशानी तो नहीं हो रही है। उपचार के बदले किसी प्रकार की राशि की मांग तो नहीं की जाती। डिप्टी कलेक्टर ने बताया कि निरीक्षण के दौरान कोई गंभीर शिकायत सामने नहीं आई। अधिकांश मरीजों ने अस्पताल की व्यवस्थाओं और उपचार को लेकर संतुष्टि व्यक्त की।

सफाई और पेयजल व्यवस्था में मिली कमियां
निरीक्षण के दौरान अस्पताल के कुछ हिस्सों में सफाई व्यवस्था में कमी सामने आई। वार्डों, कॉरिडोर और बाथरूम की नियमित एवं बेहतर सफाई सुनिश्चित करने के लिए सफाई कर्मचारियों तथा संबंधित वेंडर को निर्देश दिए गए। वहीं पेयजल व्यवस्था से जुड़ी कुछ शिकायतें भी सामने आईं, जिन्हें तत्काल दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए। अस्पताल में मरीजों को बेडशीट सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं समय पर उपलब्ध हों, इसे लेकर भी व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। कलेक्टर की नई व्यवस्था के तहत अब जिला अस्पताल का प्रतिदिन अधिकारियों द्वारा निरीक्षण किया जाएगा। नियमित निगरानी से अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार, कर्मचारियों की जवाबदेही और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं की गुणवत्ता बेहतर होने की उम्मीद है।

हर विंग के लिए हेल्पलाइन का सुझाव
डिप्टी कलेक्टर ने अस्पताल प्रबंधन से चर्चा के दौरान सुझाव दिया कि प्रत्येक बिल्डिंग अथवा विंग के लिए अलग हेल्पलाइन नंबर उपलब्ध कराया जाए। इससे ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को किसी कर्मचारी या वार्ड प्रभारी को तलाशने के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। निरीक्षण के दौरान ड्यूटी और स्टाफ की उपस्थिति को लेकर रजिस्टर की भी जांच की गई। डिप्टी कलेक्टर ने बताया कि अधिकांश पैरामेडिकल स्टाफ ड्यूटी पर उपस्थित मिला। वहीं कुछ डॉक्टरों की अनुपस्थिति के संबंध में सिविल सर्जन को आवश्यक निर्देश देते हुए उनकी समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा गया। उन्होंने कहा कि जिला अस्पताल में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए डॉक्टरों के साथ ही पैरामेडिकल स्टाफ की समय पर उपलब्धता बेहद जरूरी है। मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए स्टाफ की उपस्थिति और कार्यप्रणाली पर लगातार नजर रखी जाएगी।

Updated on:
23 Aug 2026 12:00 pm
Published on:
23 Aug 2026 11:59 am