
नीमच. प्रदेश सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के स्थान पर शुरू की गई ‘जी राम जी’ योजना जिले में अब तक धरातल पर नहीं उतर सकी है। योजना लागू होने के बावजूद पंचायतों को आवश्यक बजट नहीं मिलने से ग्रामीण क्षेत्रों में नए विकास कार्य शुरू नहीं हो पाए हैं। इससे पंचायतों के करोड़ों रुपए के प्रस्ताव लंबित हैं। मजदूरों को भी बढ़ी हुई मजदूरी एवं अतिरिक्त रोजगार का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
पखवाड़े में भुगतान का प्रावधान, कार्य अबतक प्रारंभ नहीं
जानकारी के अनुसार एक जुलाई से शुरू की गई इस योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों का रोजगार, 450 रुपए प्रतिदिन मजदूरी तथा मजदूरी का भुगतान 15 दिनों के भीतर करने का प्रावधान किया गया है। साथ ही भुगतान में देरी होने पर मुआवजे का भी प्रावधान है। योजना का खर्च केंद्र का 60 प्रतिशत और राज्य सरकार का 40 प्रतिशत की हिस्सेदारी तय की गई है। हालांकि जिले में वर्ष 2024-25 के मनरेगा कार्य अब भी बड़ी संख्या में लंबित हैं। पंचायतों का कहना है कि वर्ष 2023-24 के करोड़ों रुपए के भुगतान भी बाकी हैं। नई योजनाओं के प्रस्ताव जिला पंचायत को भेजे जा चुके हैं, लेकिन बजट स्वीकृत नहीं होने से निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पा रहे हैं। अधिकारियों का तर्क है कि पहले पुराने कार्यों और बकाया भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी, उसके बाद नई योजना के तहत कार्य प्रारंभ होंगे।
अबतक योजना पर अमल प्रारंभ नहीं
ग्राम पंचायतों से जुड़े जानकार बताते हैं कि जी राम जी योजना की घोषणा के अनुसार मजदूरी 300 रुपए से बढ़ाकर 450 रुपए प्रतिदिन करने और रोजगार की अवधि 100 से बढ़ाकर 125 दिन करने का निर्णय लिया गया था। अबतक योजना का कार्य शुरू नहीं होने से ग्रामीण मजदूरों को इन सुविधाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। रोजगार के अवसर सीमित होने से ग्रामीणों में निराशा है।
नहीं हुआ योजना का कार्य प्रारंभ
कुछ सरपंचों का कहना है कि ‘जी राम जी’ योजना का शुभारंभ अभी पूरी तरह नहीं हुआ है। कई स्थानों पर पुराने मनरेगा कार्य ही चल रहे हैं। वहीं जिला पंचायत अधिकारियों के अनुसार इंजीनियरों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। आवश्यक बजट मिलने के बाद अगले चरण में योजना के तहत नए कार्य शुरू कराए जाएंगे। ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि यदि शीघ्र बजट जारी नहीं किया गया तो गांवों में सडक़, तालाब, नाली और अन्य विकास कार्यों के साथ साथ ग्रामीण रोजगार पर भी गंभीर असर पड़ेगा।
मजदूरों को करना पड़ा कठिनाइयों का सामना
जनपद पंचायत नीमच सदस्य कांता अहीर ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा किए गए बदलाव के तहत पूर्व की मनरेगा व्यवस्था के स्थान पर विकसित भारत जी राम जी अधिनियम, 2025 लागू किया गया है। एक जुलाई से इस नई योजना के अंतर्गत ग्राम पंचायत में कराए जाने वाले विकास कार्यों का चिन्हांकन कर लिया गया है। दिसंबर 2025 से जून तक पंचायत क्षेत्र के मजदूरों को रोजगार उपलब्ध नहीं हो पाया। इससे उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। अब कार्य चिन्हित होने के बाद जल्द ही विकास कार्य शुरू होने की उम्मीद है। उम्मीद है कि योजना के तहत मजदूरों को नियमित रोजगार मिलेगा। साथ ही समय पर मजदूरी प्राप्त होगी। पूर्व से लंबित और अधूरे पड़े विकास कार्य भी पूरे किए जा सकेंगे।