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यात्रियों की सुविधा के लिए अब रेलवे स्टेशन के पूछताछ केंद्र संचालित होंगे ठेके पर

एक साल के लिए प्रायोगिक तौर पर दिया गया ठेका, आउटसोर्स कर्मचारियों की ली जाएगी सेवाएं, ठेके पर देने से रेलवे के 35 से 40 कर्मचारी होंगे फ्री, स्टाफ की कमी होगी पूरी
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नीमच

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Mukesh Sharaiya

Jul 09, 2026

Neemuch Breaking News

रेलवे पूछताछ केंद्र

नीमच. पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के अंतर्गत आने वाले प्रमुख 9 रेलवे स्टेशनों पर संचालित 10 पूछताछ केंद्र अब ठेके पर संचालित होंगे। इसके लिए टेंडर हो चुके हैं। 20 जुलाई से आउटसोर्स कर्मचारी अपनी सेवाएं देने लगेंगे। फिलहाल एक साल के लिए प्रायोगिक तौर पर ठेका दिया गया है। इसके बाद जनता का फीडबैक व कार्य की समीक्षा की जाएगी। पूछताछ केंद्र ठेके पर दिए जाने से अबतक वहां सेवा दे रहे करीब 35 से 40 कर्मचारियों की सेवाएं अन्य कार्य में ली जा सकेगी। इससे रेलवे में स्टॉफ की कमी को कुछ हद तक पूरा करने में मदद भी मिलेगी।

20 जुलाई से इन काउंटरों का संचालन शुरू
मंडल के पूछताछ केंद्र संचालन की व्यवस्था में बदलाव किया जा रहा है। रतलाम मंडल के रेलवे स्टेशनों के पूछताछ काउंटर ठेके पर संचालित होंगे। इसके लिए हैदराबाद की एक फर्म को जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह फर्म 20 जुलाई से इन काउंटरों का संचालन शुरू करेगी। रतलाम मंडल के अंतर्गत उज्जैन, रतलाम, देवास, डॉ. अंबेडकर नगर, नागदा, नीमच, चित्तौडगढ़़, दाहोद, इंदौर के रेलवे स्टेशनों पर पूछताछ केंद्र संचालन एवं प्रबंधन के लिए विभिन्न फर्मों से निविदाएं आमंत्रित की गई थीं। इसमें हैदराबाद की कंपनी को लेटर ऑफ अवार्ड (एलओए) भी जारी कर दिया गया है। इन केंद्रों पर कुल 39 आउटसोर्स कर्मचारियों की नियुक्ति की जाएगी, जो तीन शिफ्टों में 24 घंटे यात्रियों को सेवाएं उपलब्ध कराएंगे।

चेकिंग व बुकिंग स्टाफ को मिलेगा राहत
वर्तमान में पूछताछ केंद्र पर रेलवे के चेकिंग स्टाफ की ड्यूटी लगाई जाती है। इसके कारण टिकट जांच सहित अन्य कार्य प्रभावित होते हैं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद चेकिंग स्टाफ अपने नियमित कार्यों पर ध्यान केंद्रित कर सकेगा। रेलवे को उम्मीद है कि इससे यात्री सुविधाओं में सुधार के साथ राजस्व में भी वृद्धि होगी। नई व्यवस्था में पूछताछ केंद्र पर यात्रियों को ट्रेनों की समय-सारणी, आगमन-प्रस्थान, प्लेटफॉर्म, टिकट एवं अन्य आवश्यक जानकारियां उपलब्ध कराई जाएंगी। पूछताछ केंद्र पर तैनात कर्मचारी यात्रियों को संतुष्टिपूर्ण जवाब देंगे। जरूरत पडऩे पर रेलवे की संबंधित प्रणाली से जानकारी प्राप्त कर सहायता करेंगे।

स्थानीय भाषा का ज्ञान आवश्यक
रेलवे के अनुसार ऑपरेटरों को हिंदी, अंग्रेजी और स्थानीय भाषा का ज्ञान होना अनिवार्य होगा। इस बात का विशेष ध्यान रखा गया है कि काउंटर पर बैठे व्यक्ति को स्थानीय भाषा का ज्ञान हो, जिससे ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले रेल यात्रियों को उन्हीं की भाषा में समझा सके। साथ ही यात्रियों के साथ बेहतर व्यवहार और सहायता उपलब्ध कराना उनकी जिम्मेदारी होगी। इस व्यवस्था के तहत यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलने के साथ रेलवे कर्मचारियों पर कार्यभार भी कम होगा।

प्रायोगिक तौर पर प्रारंभ कर रहे
रतलाम मंडल के जनसम्पर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि जनता को बेहतर सुविधा मिले। उन्हें पूछताछ सेंटर पर किसी प्रकार की परेशानी न हो। इसके लिए पश्चिम रेलवे मंडल के अंतर्गत 9 रेलवे स्टेशन पर पूछताछ काउंटर ठेके पर देने का निर्णय लिया गया है। इस व्यवस्था के बाद अबतक पूछताछ केंद्र पर कार्य रहे करीब 35 से 40 रेलवे कर्मचारियों की सेवाएं अन्य कार्यों (टिकट बुकिंग, टिकट चेकिंग आदि) में ली जा सकेगी। इससे रेलवे के राजस्व में वृद्धि भी होगी।