MP Politics: मध्यप्रदेश में इन दिनों सियासत लूडो की बिसात के बीच आ रुकी है, नेताओं की बयानबाजी का नया खेल शुरू हो गया है, बीजेपी सांसद सुधीर गुप्ता ने पीसीसी चीफ जीतू पटवारी पर बड़ा तंज करते हुए उन्हें कमलनाथ संग लूडो खेलने की हिदायत दी है, यही नहीं उन्होंने पटवारी को लूडो खेलने के फायदे तक गिना दिए हैं...
MP Politics: मध्यप्रदेश की सियासत (MP Politics) में इन दिनों 'लूडो' को लेकर वार-पलटवार का दिलचस्प दौर चल रहा है। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी द्वारा सांसदों के संसद में जनता के मुद्दे न उठाने और मौन रहने को लेकर कसे गए तंज पर अब मंदसौर-नीमच क्षेत्र के भाजपा सांसद सुधीर गुप्ता ने तीखा पलटवार किया है। पटवारी के तंज का जवाब देते हुए सांसद गुप्ता ने अपनी तरफ से 'लूडो' का जिक्र छेड़ा और न सिर्फ इसके मनोवैज्ञानिक फायदे गिनाए, बल्कि उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के साथ लूडो खेलने की नसीहत भी दे डाली। इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि वे लोकसभा में सर्वाधिक प्रश्न उठाकर जनता की आवाज को प्रमुखता से रखते आए हैं।
जीतू पटवारी के इस आरोप पर कि सांसद जनता के मुद्दे उठाने के बजाय संसद में मौन रहते हैं, सांसद गुप्ता ने कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि जीतू पटवारी को शायद संसदीय कार्यप्रणाली और प्रोटोकॉल का पूर्ण ज्ञान नहीं है। राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए गुप्ता ने कहा, 'जब राहुल गांधी जैसे नेता संसद की सीढ़ियों पर बैठकर कचौरी-समोसा खा लेते हैं, जो कि संसदीय मर्यादाओं के सख्त खिलाफ है, तब कांग्रेस को कोई मर्यादा याद नहीं आती।'
सांसद ने कहा कि संसद में अपनी बात रखने के लिए प्रश्नकाल और डिबेट जैसे कई उचित मंच हैं, लेकिन विपक्ष केवल हंगामा करता है, बोलने नहीं देता और वॉकआउट (MP Politics) कर जाता है। अपनी सक्रियता का हवाला देते हुए सांसद ने कहा कि उन्होंने अपने संसदीय कार्यकाल में लोकसभा में सर्वाधिक प्रश्न लगाए हैं और क्षेत्र के मुद्दों को मुखरता से उठाया है।
पटवारी के मौन रहने वाले आरोप पर पलटवार करते हुए सांसद गुप्ता ने तंजिया अंदाज में लूडो खेलने के दिलचस्प फायदे गिना दिए। उन्होंने लूडो को 'ब्रेन एक्टिवेशन' का खेल बताते हुए कहा कि, इससे निर्णय क्षमता (Decision Making), रणनीतिक सोच (strategic thinking) और धैर्य (Patience) का विकास होता है। पासे के अंकों से बेसिक गणित और एकाग्रता (Concentration) बढ़ती है।
इसी 'एकाग्रता' को आधार बनाकर सांसद ने पटवारी पर एक बड़ा सियासी तंज कसा। उन्होंने एक पुराने वाकये का जिक्र करते हुए कहा कि एकाग्रता के अभाव के कारण ही जब जीतू पटवारी पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के निवास पर गए थे, तो किसानों द्वारा दी गई बोरी की जगह कोई और सी गलत बोरी उठाकर ले आए थे। सांसद ने चुटकी लेते हुए कहा कि लूडो खेलने से पटवारी की एकाग्रता में जरूर सुधार आएगा।
अपनी बात समाप्त करते हुए सांसद सुधीर गुप्ता ने पटवारी को कांग्रेस की अंदरूनी सियासत पर ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि लूडो खेलने से आपसी रिश्ते और सोशल बॉन्डिंग मजबूत होती है। गुप्ता ने कहा, 'अभी आप कमलनाथ जी के साथ खेले नहीं हो, एकाध बार कमलनाथ जी के साथ लूडो हो जाए… इसमें क्या परेशानी है?'
हालांकि, जाते-जाते सांसद ने पीसीसी चीफ को यह हिदायत भी दी कि कांग्रेस पार्टी अपनी स्थिति पर ध्यान दे और वे लूडो जरूर खेलें, लेकिन इसे पैसों से खेलकर जुए (Gambling) में न बदलें। इस पूरे मामले ने मध्य प्रदेश के सियासी गलियारों में एक नई बहस और चर्चा को जन्म दे दिया है।