
नीमच. जिला मुख्यालय पर मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के विरोध का एक अनोखा नजारा देखने को मिला। ग्राम तुर्किया पंचायत धनगांव के किसान किशोर गुर्जर एवं सामाजिक कार्यकर्ता पंकज तिवारी हाथों में कटोरा और हांडी लेकर कलेक्टोरेट पहुंचे। दोनों ने गले में ‘बलराम योजना की 13वीं’ लिखी तख्तियां लटका रखी थी। योजना में गड़बडिय़ों के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए प्रशासन से न्याय की मांग की।
राशि गबन का लगाया आरोप
जनसुनवाई के दौरान किसान किशोर गुर्जर ने आरोप लगाया कि उनके खेत पर बलराम तालाब निर्माण कार्य स्वीकृत हुआ था, जिसके लिए उनके नाम पर एक लाख 19 हजार 108 रुपए का भुगतान दर्शाया गया है। जबकि वास्तविकता में उनके बैंक खाते में केवल 15 हजार रुपए ही जमा हुए। किसान ने शेष राशि के कथित गबन की आशंका व्यक्त करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। किशोर गुर्जर ने कलेक्टर को सौंपे आवेदन में आरोप लगाया कि योजना के तहत हुए भुगतान और कार्यों में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों, सरपंच, सचिव एवं अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध एफआइआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई किए जाने तथा कथित रूप से हड़पी गई राशि की वसूली की मांग की।
‘अस्थि कलश-कटोरा सत्याग्रह’ के साथ अनशन
आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया कि बलराम योजना के कार्य को मनरेगा से जोडकऱ शासन के 8 जनवरी 2020 के निर्देशों का उल्लंघन किया गया है। किसान ने पूरे प्रकरण की तकनीकी और वित्तीय जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाने की मांग की। वहीं सामाजिक कार्यकर्ता पंकज तिवारी ने हाथ में हांडी लेकर विरोध प्रदर्शन करते हुए कहा कि यदि सात दिनों के भीतर मामले में एफआइआर दर्ज नहीं की गई और जांच प्रारंभ नहीं हुई तो वे ‘अस्थि कलश-कटोरा सत्याग्रह’ के साथ कलेक्टोरेट परिसर में आमरण अनशन शुरू करेंगे। कटोरा और हांडी के साथ किया गया यह विरोध प्रदर्शन जनसुनवाई में चर्चा का केंद्र रहा।