नीमच

एक झटके में समाप्त हुई जिले के चार निजी स्कूलों की मान्यता

-एक विद्यालय तीन साल से बंद, तीन में हो रही अभी पढ़ाई-47 साल चलने के बाद बंद हुआ जोशी स्कूल
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Aug 08, 2018
Students disenchantment with government schools
probe set up against fake appointments in Schools


नीमच. जिले के चार निजी विद्यालयों की हायर सेकेंडरी स्कूल की मान्यता समाप्त होने की सूची जारी हुई है। जिसमें से जिला मुख्यालय का एक निजी विद्यालय 47 साल चलने के बाद छात्र संख्या कम होने के कारण बंद हुआ है। वहीं मनासा के एक विद्यालय का नाम सीबीएससी में कन्वर्ड होने के कारण एमपीबोर्ड से अनुमति नहीं लेने के कारण सूची में आया है। वहीं दो निजी विद्यालय चालु है लेकिन समय से आवेदन नहीं करने सहित अन्य कारणों से मान्यता समाप्त की सूची में नाम आया है। इस प्रकार जिन चार विद्यालयों के नाम मान्यता समाप्त की सूची में आए हैं। उनमें से एक पिछले 3 साल पहले से बंद है। वहीं तीन विद्यालय चालु है।
इन चार विद्यालयों के नाम आए सूची में
-श्रीजोशी बॉयस हायरसेकेंंडरी स्कूल नीमच
-अन्नपूर्णा हायरसेकेंडरी स्कूल खोर
-ग्रीन फिल्ड पब्लिक हायरसेकेंडरी स्कूल मनासा
-सुप्रीम एकेडमी हायरसेकेंडरी स्कूल रतनगढ़
जोशी स्कूल नीमच के प्राचार्य श्याम जोशी ने बताया कि यह हायरसेकेडरी विद्यालय ४७ साल तक सफलता पूर्वक चलाया था, जिसके बाद ङ्क्षहदी मीडियम होने के कारण छात्र संख्या कम होने के कारण पिछले तीन साल से विद्यालय बंद कर दिया है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में स्वयं हमने ही आवेदन दिया था कि विद्यालय बंद कर दिया है। हालांकि बघाना में अनुदान प्राप्त प्रावि मावि अभी भी चल रहा है।
अन्नपूर्णा स्कूल खोर के प्राचार्य रामनिवास धाकड़ ने बताया कि वैसे तो मैंने करीब एक माह पूर्व विद्यालय छोड़ दिया है। लेकिन विद्यालय की मान्यता वैसे ही 2014 से 2019 तक थी, जो डाक्युमेंट कम थे वह अपडेट कर दिए थे, विद्यालय अभी चालु है।
ग्रीन फिल्ड पब्लिक स्कूल हायरसेकेंडरी स्कूल प्राचार्य दीपा ने बताया कि विद्यालय को वर्ष 2015-16 से सीबीएससी में कन्वर्ड कर दिया है। इस कारण एमपीबोर्ड से मान्यता नहीं लेने के कारण लिस्ट में नाम आया होगा, उन्होंने बताया कि विद्यालय अभी चालु है जिसमें करीब 1100 बच्चे अध्यनतर हैं।
वर्जन.
जोशी स्कूल बंद हो चुका है। ग्राीन फिल्ड सीबीएससी हो चुका है। अन्नपूर्णा विद्यालय खोर चालु है। चूकि समय पूरा होने पर निजी विद्यालय को फिर से अनुमति की प्रक्रिया पूर्ण करनी होती है। इस कारण शेष दो विद्यालयों में से अन्नपूर्णा खोर को अवगत कराया है कि वे जो भी कागजी कार्यवाही शेष है पूरी करें, वहीं दूसरे (सुप्रीम एकेडमी) ने अनुमति के लिए 20 हजार रुपए शुल्क व 50 हजार रुपए पेनल्टी के रूप में भरे हैं।
-केसी शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी नीमच
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Published on:
08 Aug 2018 10:49 pm