तीन दिन में दो बड़े हादसों के बाद कुंभकर्णीय नींद से जगा प्रशासन, पिकअप में सवार मजदूर उत्तर प्रदेश के निवासी, मृतकों में दो चचरे भाई
तीन दिन में दो बड़े हादसों के बाद कुंभकर्णीय नींद से जगा प्रशासन, पिकअप में सवार मजदूर उत्तर प्रदेश के निवासी, मृतकों में दो चचरे भाई
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नीमच. तिलस्वां घाट वाहन चालकों के लिए ब्लैक स्पॉट बन गया है। घाट में रविवार को बस हादसा और इसके दूसरे दिन मंगलवार रात करीब 9 बजे फिर एक दर्दनाक हादस में तीन लोगों की मौके पर ही मौत ने प्रशासनिक व्यवस्था पर प्रश्न चिह्न खड़े कर दिए हैं। बस हादसे में जहां 30 से अधिक यात्री घायल हुए थे, वहीं पिकअप हादसे में गरीब मजदूरों ने अपना जीवन गंवा दिया।
दो चचरे भाइयों की हादसे में हुई मौत
मंगलवार रात राजस्थान धौलपुर की ओर से आ रही पिकअप तिलस्वां घाट में बने ब्लैक स्पॉट पर ‘यू’ आकार के मोड़ पर हासदे का शिकार हो गई। हादसे में ड्राइवर सहित सवार 7 लोगों में से 3 की मौके पर ही मौत हो गई। 2 गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया जा रहा है कि हादसे के बाद ड्राइवर मौके से फरार हो गया। घायल मजदूर ने बताया कि हम लोग पुताई कार्य (मजदूरी) करके धौलपुर राजस्थान से बांसवाड़ा की ओर जा रहे थे। पिकअप में दर्जनों कलर से भरी बाल्टियां रख हुई थीं। पिकअप में तीन लोग पीछे भरी बाल्टियों के साथ बैठे थे। इस बीच घाट उतरते समय ब्लैक स्पॉट (जहां बस हादसा हुआ था उसी जगह) पर पिकअप का संतुलन बिगड़ गया और सीधे गहरी खाई में जा गिरी। दुर्घटनाग्रस्त में मृत मजदूरों के परिजन बुधवार सुबह सिंगोली हॉस्पिटल पहुंचे। उन्होंने दो मृतकों की पहचान चचेरे भाईयों के रूप में की। मृतक में पिंटू पिता सुलोचन बिंद 35 वर्ष निवासी आलमपुर घूमनी थाना नन्दगंज गाजीपुर यूपी और रामावत पिता सतीराम बिंद 50 वर्ष निवासी आलमपुर घूमनी थाना नंदगंज गाजीपुर यूपी के रूप में शिनाख्त की। एक मृतक की पहचान उदयपाल पिता गोरीलाल लोधी 40 वर्ष निवासी बोरीपुर बरेली यूपी के रूप में हुई। उसके परिजन अत्यधिक दूरी होने के कारण शाम छह बजे तक सिंगोली पहुंचे।
हादसे में गंभीर घायल को किया रेफर
पिकअप वाहन के केबिन में सवार तीन में से दो गंभीर घायल हुए हैं। इसमें मोहम्मद जाकिर पिता जूम्मी अली 40 वर्ष ग्राम नारा पोस्ट साही बरेली उत्तरप्रदेश, इदरीस बोरीपुर पोस्ट आंवला बरेली यूपी, सोमपाल पिता मोरी लाल लोधी बोरीपुर पोस्ट आंवला बरेली उत्तरप्रदेश घायल हुए। जिनका डॉ. ईतेश व्यास, डॉ. लोकेश पाटीदार एवं स्वास्थ्य विभाग टीम ने प्राथमिक उपचार किया। गंभीर घायलों को जिला चिकित्सालय रेफर किया गया है। घाटना की सूचना मिलते ही मौके पर थाना प्रभारी जितेंद्र वर्मा, तहसीलदार प्रेमशंकर पटेल, भाजपा जिला महामंत्री अशोक सोनी विक्रम, एएसआई शाकिर मेव, एएसआई शिवराज, प्रधान आर विशाल गंगवाल, राजस्व निरीक्षक बालकृष्ण धाकड़ सहित राजस्व विभाग एवं पुलिस जवान मौजूद थे। जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचे ग्रामीण अमजद मेवाती निवासी माता खेड़ा और धर्मराज ओड़ ने पिकअप में फंसे घायलों को कलर की बाल्टियों के बीच में से लथपथ हालत में बाहर निकाला।
डीजल बचाने चक्कर में हुआ बस हादसा
रविवार को शिव शक्ति बस हादसे की जांच के बाद खुलासा हुआ कि बस चालक द्वारा डीजल बचाने के चक्कर में बस को घाट प्रारंभ होते ही न्यूटल कर दिया था। बस ढलान पर लुढक़ते हुए चल रही थी। तेज रफ्तार में चलते हुए ही अचानक बस बंद हो गई। बताया जाता हैं नई टेक्नोलॉजी के वाहनों में एक बार इंजन बंद होने के बाद उसे पुन: स्टार्ट करने में दो मिनट का समय लगता है। नई टेक्नोलॉजी की बस के बंद होते ही उसका स्टीयरिंग भी लॉक हो गया था। बस ‘यू’ आकार के मोड़ से सीधे खाई में गिरी थी। बस तीन चार पलटी खाते हुए फिर सीधी खड़ी हो गई थी।
दो विभागों में बंटी सडक़, बनी हादसों का सबब
बताया जा रहा हैं कि तिलस्वां घाट में बनी सडक़ जो कि पहले लोक निर्माण विभाग के अतर्गत होकर डामरीकरण किया गया था जो कि अभी ठेकेदार के गारंटी समय में है। तिलस्वां घाट तक बनने वाले निर्माणाधीन नीमच-सिंगोली सडक़ मार्ग को मध्यप्रदेश शासन द्वारा एमपीआरडीसी विभाग के सुपुर्द कर दिया गया है। ऐसे में लोक निर्माण विभाग, गारंटी समय में होते हुए भी खराब हो चुके सडक़ मार्ग पर पेच वर्क भी नहीं करवा पा रहा है।
जिम्मेदारों ने पैदल किया घाट का निरीक्षण
घाट में रविवार और मंगलवार को हुए दो बड़े दिल दहला देने वाले हादसे के बाद जिला प्रशासन नींद से जगा। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग के आला अधिकारी बुधवार को तिलस्वां घाट पहुंचे। बुधवार दोपहर में लोक निर्माण विभाग ओर एमपीआरडीसी के अधिकारी तिलस्वां घाट स्थित ब्लेक स्पॉट पर पहुंचे ओर मौका मुआयना किया। तीन दिनों में दो बड़े हादसे के बाद जिम्मेदार विभाग और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ लोगों आक्रोश देखा गया। इसके चलते ही कार्यपालन यंत्री अमित नर्गिस तिलस्वां घाट पहुंचे थे। घाट का ऊपर से नीचे तक पैदल घूमकर निरीक्षण किया।