
Lord Jagannath Painting: भगवान जगन्नाथ की 5×5 फीट की पेंटिंग (Photo Source - Patrika)
कमलेश सारड़ा
MP News: कहते हैं प्रतिभा किसी महानगर या भारी-भरकम संसाधनों की मोहताज नहीं होती। अगर हौसलों में उड़ान हो और कुछ कर गुजरने का जुनून हो तो छोटे से कस्बे की एक साधारण सी कला भी दुनिया के सामने इतिहास रच सकती है। मध्य प्रदेश के नीमच जिले (जावद) की रहने वाली मेहंदी आर्टिस्ट अंजलि चौहान ने ठीक ऐसा ही कर दिखाया है।
अंजलि ने अपनी 10 दिनों की कठिन तपस्या और एक अनोखे 'देसी जुगाड़' के दम पर पारंपरिक मेहंदी से भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और भ्राता बलराम की 5×5 फीट की एक विशाल और जीवंत पेंटिंग उकेर कर विश्व रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज कर लिया है। नीमच के इस्कॉन मंदिर में जब इस अद्भुत कलाकृति का अनावरण हुआ तो हर कोई इस कला और भक्ति के संगम को देखकर मंत्रमुग्ध रह गया।
अंजलि चौहान, वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर ने बताया कि मेहंदी से कैनवास पर इतनी बड़ी पेंटिंग बनाना कोई आसान काम नहीं था। सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि मेहंदी सूखने के बाद रंग बदलने लगती है और पपड़ी बनकर झड़ने का डर रहता है। इस तकनीकी बाधा को अंजलि ने अपनी सूझबूझ से पार किया। मेहंदी का रंग पूरे कैनवास पर एक समान रहे, इसके लिए मैंने मेहंदी के घोल में शक्कर की मात्रा बढ़ा दी। इससे रंग स्थिर रहा। वहीं, पेंटिंग को झड़ने से बचाने के लिए मैंने इसे छोटे-छोटे हिस्सों में बनाया और मेहंदी के सूखते ही उस पर फेविकोल की एक सुरक्षित (प्रिजर्वेटिव) परत चढ़ा दी।
आजकल जहां सोशल मीडिया का इस्तेमाल केवल मनोरंजन के लिए हो रहा है, वहीं अंजलि के लिए यह एक टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। एक सामान्य मेहंदी आर्टिस्ट से विश्व रिकॉर्ड होल्डर बनने के अपने सफर पर बात करते हुए अंजलि बताती हैं कि वे हमेशा से अपने माता-पिता (श्री रमेश चंद्र चौहान) और जावद नगर का नाम राष्ट्रीय पटल पर रोशन करना चाहती थीं। एक दिन मोबाइल पर रील देखते हुए उन्हें ख्याल आया कि क्यों न अपनी इसी पारंपरिक मेहंदी कला को एक नया मुकाम दिया जाए। उसी एक विचार ने उन्हें यह विश्व रिकॉर्ड बनाने का संकल्प दिया।
इस विशालकाय और ऐतिहासिक कलाकृति को आकार देने में लगभग 700 ग्राम शुद्ध मेहंदी का उपयोग किया गया है। 5×5 फीट के इस कैनवास को जीवंत करने में अंजलि को 10 दिन का समय लगा। इस दौरान उन्होंने दिन और रात का फर्क भुलाकर खुद को पूरी तरह से भगवान जगन्नाथ की भक्ति और अपनी कला के प्रति समर्पित कर दिया।
राष्ट्रीय स्तर पर अपनी इस अमिट पहचान बनाने वाली जावद की इस प्रतिभावान बेटी ने देश के युवाओं और नवोदित कलाकारों को एक बेहद खूबसूरत और प्रेरणादायक संदेश दिया है। अंजलि का मानना है कि कोई भी काम या कला छोटी या बड़ी नहीं होती बस हमारी सोच और मेहनत बड़ी होनी चाहिए। यदि निस्वार्थ भाव और दृढ़ संकल्प के साथ प्रयास किया जाए, तो सफलता हर हाल में आपके कदम चूमती है। अंजलि चौहान की यह उपलब्धि केवल एक रिकॉर्ड नहीं है, बल्कि यह भारत के उन लाखों छोटे कस्बों के युवाओं के लिए एक मिसाल है, जो अपनी आंखों में आसमान छूने के सपने संजोए हुए हैं।
Updated on:
24 Jul 2026 03:22 pm
Published on:
24 Jul 2026 03:19 pm
