Bhati Mines Forest Dead Body: दिल्ली के मैदान गढ़ी इलाके में महज कंधे टकराने के विवाद में 13 वर्षीय किशोर की बेरहमी से हत्या कर दी गई। दो नाबालिगों ने मासूम को बहला-फुसलाकर भाटी माइंस के जंगल में ले जाकर पत्थरों से सिर कुचल दिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को पकड़ लिया है, जिनमें से एक हाल ही में सुधार गृह से लौटा था।
Delhi Minor Murder Case: दक्षिण दिल्ली के मैदान गढ़ी इलाके से लापता हुए 13 वर्षीय किशोर की तलाश मंगलवार सुबह एक दुखद मोड़ पर खत्म हुई। पुलिस ने बच्चे का शव भाटी माइंस के घने जंगलों से बरामद किया है। इस नृशंस हत्या के आरोप में पुलिस ने दो नाबालिगों को पकड़ा है, जिनमें से एक आरोपी महज दो महीने पहले ही सुधार गृह (Observation Home) से छूटकर बाहर आया था।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह चौंकाने वाली बात सामने आई है कि हत्या की वजह कोई बड़ी रंजिश नहीं, बल्कि खेल के दौरान हुआ एक मामूली विवाद था। आरोपियों ने बताया कि खेलते समय कंधे टकराने जैसी छोटी सी बात पर उनके बीच बहस हुई थी। हालांकि, उस समय मामला शांत होता दिख रहा था, लेकिन दोनों नाबालिगों ने मिलकर 13 साल के बच्चे को ठिकाने लगाने की साजिश रच डाली। वे उसे बहला-फुसलाकर भाटी माइंस के सुनसान जंगली इलाके में ले गए, जहां पहले उसका गला घोंटा और फिर पत्थरों से सिर कुचलकर उसकी हत्या कर दी।
मृतक किशोर एक दिहाड़ी मजदूर का बेटा था। सोमवार शाम जब वह खेलने के बहाने घर से निकला और वापस नहीं लौटा, तो परिजनों ने मैदान गढ़ी थाने में अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई। जांच के दौरान पुलिस ने जब इलाके के CCTV फुटेज खंगाले, तो पीड़ित बच्चा पड़ोस के ही दो अन्य नाबालिगों (उम्र 15 और 17 वर्ष) के साथ खेलता हुआ दिखाई दिया। जब पुलिस ने उन दोनों की तलाश की, तो वे भी गायब मिले। तकनीकी निगरानी की मदद से पुलिस ने दोनों आरोपियों को पकड़ा, जिन्होंने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया।
इस दर्दनाक घटना के बाद पीड़ित परिवार और संजय कॉलोनी के निवासियों में भारी आक्रोश है। बुधवार को स्थानीय लोगों ने पुलिस चौकी के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और कुछ समय के लिए सड़क जाम कर दी। मृतक के चाचा ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि हमने रात 8 बजे ही शिकायत कर दी थी, लेकिन हमें सुबह 8 बजे उसकी मौत की खबर मिली। परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है और मामले की कानूनी कार्रवाई जारी है।