
नई दिल्ली। मां का दर्जा दुनिया में सबसे ऊंचा होता है। ऐसे में एक महिला ने दूसरों के बच्चों को अपना दूध पिलाकर (breast milk) उनकी जान बचा ली। दरअसल 5 बच्चे गंभीर हालत में आईसीयू में भर्ती थे। वे दूध के सिवा और कुछ नहीं पी सकते थे। ऐसे में अहमदाबाद की रुशिना ने उन्हें अपना दूध पिलाया। जिससे उनकी जान बच गई। तभी से उन्होंने दूध दान (donate) करने का फैसला लिया।
रुशिना पेशे से टीचर हैं। वह 20 सितंबर 2019 के दिन मां बनी थी। तब उन्हें ख्याल आया था ना जाने कितनी ऐसी माएं होंगी जो अपने नवजात बच्चों को दूध नहीं पिला पाती होंगी। इसके बाद ही उन्होंने अपना दूध दान करने की ठानी थी। उन्होंने एक डॉक्टर से संपर्क किया, जो मिल्क बैंक प्रोजेक्ट से जुड़े हुए हैं। अब तक वो करीब 12 लीटर दूध दान कर चुकी हैं। रुशिना चाहती हैं कि उनकी तरह दूसरी महिलाएं भी आगे आएं और इस नेक काम में अपना सहयोग दें। रुशिना के इस कदम से लोग और उनके घरवाले काफी खुश हैं। वो उन्हें सुपरमॉम कहकर बुलाते हैं।