
CJP Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का प्रदर्शन लगातार नौवें दिन भी जारी है। नीट समेत प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर शुरू हुए इस आंदोलन को अब नया समर्थन मिला है। पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षाविद सोनम वांगचुक ने रविवार से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है। हालांकि, इस बीच लोगों के मन में एक सवाल भी उठ रहा है कि आंदोलन की अगुवाई करने वाले सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके खुद भूख हड़ताल पर क्यों नहीं बैठे।
दरअसल, अभिजीत दीपके ने इस सवाल का जवाब खुद दिया है। एक बातचीत के दौरान जब यूट्यूबर समदीश भाटिया ने उनसे पूछा कि क्या वह भी भूख हड़ताल करने वाले हैं, तो दीपके मुस्कराते हुए बोले, 'नहीं… मुझे नहीं लगता कि भूख हड़ताल मेरे बस की बात है।' इसके बाद उन्होंने हंसते हुए अपनी वजह भी बताई।
दीपके ने कहा कि उन्हें लंबे समय से माइग्रेन की समस्या है। अगर समय पर खाना नहीं मिलता तो उन्हें तेज सिरदर्द होने लगता है। उन्होंने कहा, 'मेरी मां हमेशा कहती हैं कि अगर समय पर खाना नहीं मिला तो सिर पकड़कर बैठ जाता है। ऐसे में भूख हड़ताल करना मेरे लिए संभव नहीं है।' दीपके का यह बयान सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है। कई लोगों ने उनकी साफगोई की सराहना की, जबकि कुछ लोगों ने इस पर सवाल भी उठाए।
दूसरी ओर, सोनम वांगचुक ने अपने पहले किए गए ऐलान के मुताबिक रविवार से जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी। उन्होंने कुछ दिन पहले जेनेवा में कहा था कि यदि सरकार नीट पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर संतोषजनक जवाब नहीं देती, तो वह दिल्ली आकर छात्रों के समर्थन में अनशन करेंगे। तय कार्यक्रम के अनुसार उन्होंने अपना अनशन शुरू कर दिया।
भूख हड़ताल शुरू करने से पहले सोनम वांगचुक और अभिजीत दीपके राजघाट पहुंचे, जहां उन्होंने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद दोनों जंतर-मंतर पहुंचे। जैसे ही वांगचुक अनशन पर बैठे, वहां पहले से मौजूद सैकड़ों छात्र, युवा, सामाजिक कार्यकर्ता और किसान नेता उनके समर्थन में जुट गए। आंदोलन की शुरुआत दो मिनट का मौन रखकर की गई।
अभिजीत दीपके ने देशभर के छात्रों, किसानों और सामाजिक संगठनों से इस आंदोलन का समर्थन करने की अपील की है। उनका कहना है कि यह आंदोलन सिर्फ नीट परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश की परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और छात्रों का भरोसा बहाल करने की मांग से जुड़ा है।
सीजेपी ने 20 जून को जंतर-मंतर पर यह प्रदर्शन शुरू किया था। प्रदर्शनकारी प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच, परीक्षा प्रणाली में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। फिलहाल जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी है और सोनम वांगचुक का अनिश्चितकालीन अनशन भी शुरू हो चुका है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार इस आंदोलन और प्रदर्शनकारियों की मांगों पर क्या रुख अपनाती है।