Delhi Politics: आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को एक और बड़ा झटका लगा है। अब AAP की इकलौती किन्नर पार्षद ने अपने इस्तीफे का ऐलान कर दिया है। अब वह नई इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी में शामिल होंगी।
Delhi Politics: दिल्ली में पिछले दिनों आम आदमी पार्टी के 15 पार्षदों ने एक साथ इस्तीफा देकर अरविंद केजरीवाल को बड़ा झटका दिया था। अब मंगलवार को AAP की इकलौती किन्नर पार्षद ने भी इस्तीफा दे दिया है। दिल्ली के सुल्तानपुरी ए वार्ड 43 से साल 2022 में आम आदमी पार्टी के टिकट पर किन्नर बॉबी पार्षद बनी थीं। मंगलवार को उन्होंने एमसीडी महापौर को पत्र लिखकर आम आदमी पार्टी से इस्तीफा देने की जानकारी दी। पत्र में पार्षद बॉबी ने ये भी बताया है कि वह अब आदर्श नगर से पार्षद मुकेश गोयल और मोलड़बंद से पार्षद हेमचंद गोयल की ओर से गठित की गई इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी में शामिल हो रही है। इसके साथ ही अब इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी में पार्षदों की संख्या कुल 16 हो गई है।
दिल्ली में मंगलवार को एक ओर जहां आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने युवाओं को पार्टी से जोड़ने से पहल करते हुए नए छात्र संगठन ASAP का गठन किया। वहीं दूसरी ओर AAP की इकलौती किन्नर पार्षद बॉबी ने इस्तीफा देकर उन्हें एक और झटका दे दिया है। इससे पहले मंगलवार को आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में वैकल्पिक राजनीति की शुरुआत करते हुए नए छात्र संगठन का गठन किया था। इसका नाम ASAP यानी एसोसिएशन ऑफ स्टूडेंड फॉर अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स रखा गया है।
आम आदमी पार्टी के 15 पार्षदों के इस्तीफा देकर नई पार्टी बनाने के बाद सोमवार को इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी के अध्यक्ष मुकेश गोयल ने दिल्ली नगर निगम के सचिव से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने आम आदमी पार्टी से इस्तीफा देने और नई पार्टी गठित करने की जानकारी दी। इसके बाद निगम के सचिव कार्यालय की ओर से मुकेश गोयल को सिविक सेंटर ए ब्लॉक में निगम से जुड़े विभिन्न कामकाज निपटाने के लिए दो कक्ष आवंटित किए गए हैं। दूसरी ओर सोमवार को ही दिल्ली नगर निगम के आयुक्त अश्विनी कुमार से भी मुकेश गोयल ने मुलाकात कर अपने नए दल और साथियों से परिचय कराया।
दरअसल, 17 मई को आम आदमी पार्टी से एक साथ 15 पार्षदों ने इस्तीफा दे दिया था। इसके साथ ही उन्होंने एक नए दल का गठन किया था। इ्ंद्रप्रस्थ विकास पार्टी के नाम से गठित नए दल के नेता मुकेश गोयल चुने गए थे। आम आदमी पार्टी से इस्तीफा देने वाले सभी पार्षदों ने विकास कार्यों के ठप होने और पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष को कारण बताया था। AAP पार्षदों के सामूहिक इस्तीफे और नए दल के गठन पर दिल्ली के महापौर सरदार राजा इकबाल सिंह ने कहा "यह घटनाक्रम आम आदमी पार्टी के भीतर फैले भ्रष्टाचार और तानाशाही कार्यप्रणाली को उजागर करता है।"
आम आदमी पार्टी ने इस घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे 'राजनीतिक खरीद-फरोख्त' करार दिया और इसके पीछे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की साजिश होने का आरोप लगाया। वहीं भाजपा की दिल्ली इकाई ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि इस्तीफा देने वाले पार्षदों ने स्वयं स्वीकार किया है कि वे आप की नीतियों और कार्यशैली से क्षुब्ध थे। भाजपा का कहना है कि आप सरकार के कारण नगर निगम का विकास कार्य प्रभावित हुआ और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिला।
नवगठित पार्टी के नेता और वरिष्ठ पार्षद मुकेश गोयल ने कहा, "चुनाव जीतने के ढाई साल बाद भी एमसीडी में कोई ठोस विकास कार्य नहीं हो पाया है। पार्टी अंदरूनी झगड़ों और आरोप-प्रत्यारोप में ही उलझी रही।" उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पार्षदों को विकास योजनाओं के लिए बजट ही नहीं दिया गया। गोयल के अनुसार, नए संगठन का उद्देश्य जनहित को प्राथमिकता देना और एमसीडी के कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पहल नगर निगम तक ही सीमित है और इसका कोई राज्यस्तरीय राजनीतिक उद्देश्य नहीं है।