नई दिल्ली

जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के हटते ही राजी हुए अरविंद केजरीवाल, मनोज जैन की बेंच के सामने मनीष सिसोदिया संग सुनवाई को हुए तैयार

Justice Swarana Kanta Sharma : दिल्ली शराब घोटाला मामले में जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के हटने के बाद अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और दुर्गेश पाठक जस्टिस मनोज जैन की बेंच के सामने सुनवाई के लिए राजी हो गए हैं। मामले की अगली सुनवाई 16 जुलाई को होगी।
2 min read
Delhi Excise Policy Case
जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के हटते ही राजी हुए अरविंद केजरीवाल

Arvind Kejriwal Delhi Excise Policy Case: दिल्ली के कथित आबकारी नीति (शराब घोटाला) मामले से जुड़ी एक बड़ी और महत्वपूर्ण कानूनी अपडेट सामने आई है। हाईकोर्ट की जज जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के इस केस से अलग होने के बाद, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आखिरकार कोर्ट की कार्यवाही में शामिल होने के लिए राजी हो गए हैं। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के हटने के बाद अब इस हाई-प्रोफाइल मामले की कमान जस्टिस मनोज जैन के हाथों में आ गई है, जिनकी बेंच के सामने इस केस की नियमित सुनवाई शुरू हो चुकी है।

केजरीवाल के साथ-साथ आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और विधायक दुर्गेश पाठक ने भी इस नई बेंच के सामने सुनवाई में शामिल होने के लिए अपनी हामी भर दी है।

क्या था विवाद और क्यों बदला वकालतनामा?

न्यायिक गलियारों और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले काफी समय से आम आदमी पार्टी के नेता इस केस की सुनवाई जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की बेंच में होने को लेकर हिचकिचा रहे थे। लेकिन अब जैसे ही यह मामला दूसरी बेंच में ट्रांसफर हुआ, वैसे ही तीनों नेताओं के रुख में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। सोमवार को जब सीबीआई (CBI) द्वारा ट्रायल कोर्ट के फैसले को दी गई चुनौती वाले मामले को जस्टिस मनोज जैन की बेंच के सामने लिस्ट किया गया, तो कोर्ट रूम में एक नई प्रगति देखने को मिली।

अदालत का रिकॉर्ड

सुनवाई के दौरान जस्टिस मनोज जैन ने आधिकारिक तौर पर नोट किया कि अदालत को अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और दुर्गेश पाठक की ओर से तीन नए 'वकालतनामा' (सुनवाई में शामिल होने का कानूनी पत्र) प्राप्त हो चुके हैं। यह इस बात का सीधा संकेत है कि आरोपी पक्ष अब इस बेंच के सामने जिरह के लिए पूरी तरह तैयार है।

CBI की चुनौती पर अब 16 जुलाई को होगी अगली जंग

गौरतलब है कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने निचली अदालत (Trial Court) के एक फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी हुई है। इस मामले की गंभीरता और आरोपियों की ओर से वकालतनामा मिलने के बाद जस्टिस मनोज जैन की कोर्ट ने सभी पक्षों को अपनी दलीलें तैयार करने का समय दिया है।

Updated on:
25 May 2026 03:53 pm
Published on:
25 May 2026 03:43 pm
Also Read
View All
दिल्ली लक्ष्मी योजना लॉन्च, महिलाओं के खाते में हर महीने आएंगे 2,500 रूपये, 9 लाख से ज्यादा ने कराया रजिस्ट्रेशन

चीन-पाकिस्तान की बढ़ेगी टेंशन? भारतीय प्राइवेट कंपनियां बनाएंगी 1,500 किमी तक स्ट्राइक रेंज की मिसाइलें

Modi Cabinet Reshuffle: मोदी मंत्रिमंडल विस्तार में बीजेपी के लिए मौके कम, आधी खाली सीटों पर दूसरी पार्टियों का दावा!

सोनम वांगचुक से अलग हुए CJP के रास्ते? ‘इस्तेमाल और साइडलाइन’ की अटकलों पर अभिजीत दीपके का बड़ा बयान

Delhi Race Club: पटियाला हाउस कोर्ट का बड़ा फैसला, दिल्ली रेस क्लब की याचिका खारिज; लुटियंस दिल्ली परिसर खाली करने का आदेश बरकरार