Atishi Video Controversy: दिल्ली विधानसभा में आतिशी के बयान से जुड़े मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। इस वीडियो की FSL रिपोर्ट सामने आ गई है। इसके बाद आम आदमी पार्टी और पंजाब पुलिस की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं।
Atishi Video Controversy:दिल्ली विधानसभा में आतिशी की सिख धर्मगुरु पर आपत्तिजनक टिप्पणी वाले मामले ने एक बार फिर तेजी पकड़ ली है। अब इस मामले में एक नया मोड़ सामने आया है। जहां एक तरफ जालंधर कोर्ट ने इस विवाद से संबंधित वीडियो को एडिटेड बताया था, वहीं अब दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दावा किया है कि इस विवाद से संबंधित वीडियो एडिटेड नहीं है। साथ ही उन्होंने आम आदमी पार्टी पर हमला बोलते हुए पंजाब के सीएम को चेतावनी दी है।
इस मामले को लेकर जालंधर कोर्ट में 15 जनवरी को सुनवाई हुई थी। वहां कोर्ट ने पंजाब पुलिस द्वारा करवाई गई फोरेंसिक जांच रिपोर्ट के आधार पर अदालत ने माना कि आतिशी की वीडियो के साथ छेड़छाड़ की गई है। पंजाब पुलिस की FSL रिपोर्ट के अनुसार, आतिशी ने भाषण के दौरान गुरु शब्द का प्रयोग नहीं किया और जो वीडियो सोशल मीडिया पर चल रही है, वह एडिटेड है। अदालत ने बीजेपी नेताओं को 24 घंटे के अंदर सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से इस विवाद से संबंधित वीडियो हटाने के आदेश दिए थे।
वहीं अब दूसरी तरफ शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विजेंद्र गुप्ता ने दावा किया है कि विधानसभा ने आतिशी से जुड़े विवाद का वीडियो की फोरेंसिक लैब जांच करवाई थी, जिसकी रिपोर्ट आ गई है और उससे यह स्पष्ट हो गया है कि उस वीडियो के साथ किसी तरह की कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है। ऑडियो और वीडियो दोनों एक दूसरे से मेल खा रहे हैं। गुप्ता ने बताया कि 8 जनवरी को दोनों पक्षों की सहमति से इस वीडियो क्लिप को जांच के लिए भेजा गया था। इस मामले की जांच चल ही रही थी कि इतने में यह बात सामने आ गई थी कि पंजाब पुलिस की तरफ से दावा किया गया है कि वह वीडियो एडिटेड है। इस कारण दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा और अन्य नेताओं पर एफआईआर कर दी गई। इससे यह मामला और ज्यादा विवादित हो गया था।
विधानसभा अध्यक्ष ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आम आदमी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि इस पूरे मामले में लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है और साथ ही गुरुओं का भी अपमान हुआ है। गुप्ता का कहना है कि आप ने खुद के फायदे के लिए सरकारी एजेंसियों का गलत इस्तेमाल किया है और साथ ही विधानसभा की गरिमा का भी ध्यान नहीं रखा है। विधानसभा अध्यक्ष ने साफ कहा कि इस तरह का बरताव बिल्कुल भी सराहनीय नहीं है। वह इस रवैये की कड़ी निंदा करते हैं।
इसके बाद विजेंद्र गुप्ता ने आतिशी से साफ कहा कि अब रिपोर्ट से यह साफ हो चुका है कि वीडियो या ऑडियो से किसी तरह की कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है, तो वह अपनी गलती मानें, अपना बयान वापस लें और सार्वजनिक तौर पर माफी मांगें। साथ ही उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री को भी इस मामले में चेतावनी दी है। उन्होंने साफ-साफ शब्दों में कहा कि अब वह विधानसभा के मामले में किसी भी तरह की दखलअंदाजी नहीं करें।