
प्रेस कॉन्फ्रेंस में कपिल मिश्रा ने दिखाया ‘आतिशी लापता’ पोस्टर
Atishi controversy: दिल्ली विधानसभा में गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी वर्ष पर हुई चर्चा के बाद राजधानी की राजनीति में जबरदस्त हलचल मची हुई है। अब इसी मामले को लेकर दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और आतिशी पर सीधा निशाना साधते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने विधानसभा में गुरु तेग बहादुर से जुड़े मामले में इस तरह के आपत्तिजनक शब्दों के प्रयोग को पाप का नाम दिया। साथ ही केजरीवाल को भी घेरे में लेते हुए उन्होंने उन पर तीखा हमला बोला है। इसके अलावा प्रेस कॉन्फ्रेंस में पंजाब के मुख्यमंत्री से भी इस मामले से दूर रहने की अपील की।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कपिल ने कहा कि जब से आतिशी ने विधानसभा में जो पाप किया है, उसके बाद से वह गायब हैं। उसके बाद से उन्होंने मीडिया से दूरी बना ली है और सार्वजनिक तौर पर भी कहीं नजर नहीं आई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें ऐसा करने के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए आतिशी को मीडिया के सामने आने के लिए कहा। साथ ही उन्होंने तंज कसते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक फोटो भी दिखाई जिसमें आतिशी की फोटो थी और उस पर लापता लिखा था।
कपिल मिश्रा ने इस पूरे मामले में केजरीवाल को भी कटघरे में खड़ा कर दिया। कपिल ने उन पर आरोप लगाया कि इस पूरे घटनाक्रम के बाद केजरीवाल को आतिशी को माफी मांगने के लिए कहना चाहिए था। उनका कहना है कि इस तरह के विवाद के बाद आतिशी का पूरी तरह गायब होना इस तरफ इशारा करता है कि यह सब जानबूझकर किया गया था। इस वजह से इस विषय पर हम चुप नहीं रहेंगे। कपिल ने केजरीवाल पर आरोप लगाते हुए कहा कि केजरीवाल इस विवाद को दबाने के लिए पंजाब सरकार और पंजाब पुलिस की मशीनरी का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके अलावा मिश्रा ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से भी अपील की कि वह इस मामले से दूर रहें और इस पाप का भागीदार नहीं बनें।
वहीं इस विषय पर सोमवार को पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने भी आम आदमी पार्टी को घेरे में लेते हुए कहा कि AAP अपनी नेता आतिशी को बचाने के लिए पंजाब पुलिस का गलत इस्तेमाल कर रही है। सिरसा के अनुसार, गुरु तेग बहादुर जी की शहादत से जुड़ी चर्चा में आतिशी ने ऐसे शब्द बोले, जिससे लोगों की धार्मिक भावनाओं को चोट पहुंची है। इसके बाद से ही आतिशी कहीं नजर नहीं आई हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी गलती का अहसास है तभी वह सामने नहीं आ रही हैं और जनता के सवालों से बच रही हैं।
इस विवाद ने तूल तब पकड़ा जब जालंधर पुलिस ने दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा और बीजेपी के अन्य नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। इसके बाद विधानसभा की तरफ से बड़ा कदम उठाया गया और पंजाब पुलिस के तीन IPS ऑफिसर को नोटिस जारी किया गया। इन अधिकारियों ने जवाब देने के लिए 10 दिन का समय मांगा है। विधानसभा के स्पीकर ने इस मामले में साफ कहा कि विधानसभा की गरिमा और विशेषाधिकार का बिल्कुल भी ध्यान नहीं रखा गया है।
Updated on:
13 Jan 2026 08:31 pm
Published on:
13 Jan 2026 04:21 pm
बड़ी खबरें
View Allनई दिल्ली
दिल्ली न्यूज़
ट्रेंडिंग
