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आप हमारी शादी कराना चाहते थे, लेकिन…तीन बहनों को कोरियन से हुआ प्यार, सामने आया काला सच

Ghaziabad 3 Sisters Suicide Case: गाजियाबाद के साहिबाबाद स्थित भारत सिटी सोसायटी में मंगलवार रात करीब 2 बजे तीन सगी बहनों के सुसाइड मामले में नया खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार तीनों बहनों ने आठ पेज के सुसाइड नोट में विस्तार से सारी बातें लिखी हैं।

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New update in Ghaziabad 3 sisters suicide case girls adopted korean name

Ghaziabad 3 Sisters Suicide Case: दिल्ली से सटे गाजियाबाद स्थित भारत सिटी सोसायटी की नौंवी मंजिल से आधी रात छलांग लगाकर आत्महत्या करने वाली बहनों को कोरियन से प्यार हो गया था। उन्होंने अपने आठ पेज के सुसाइड नोट में इसका जिक्र करते हुए बड़ा खुलासा किया है। लड़कियों का सुसाइड नोट पढ़कर जहां पुलिस हैरान है, वहीं माता-पिता के भी होश उड़ गए हैं। लड़कियों की डायरी में एक जगह लिखा है, "हमें कोरियन बहुत पसंद है। प्यार, प्यार, प्यार।" इसे उन्होंने अपनी असल जिंदगी की कहानी बताया है। लड़कियों ने सुसाइड नोट में लिखा है कि जो कुछ इन पन्नों में दर्ज है, उस पर भरोसा किया जाए। डायरी में माता-पिता पर यह आरोप भी लगाया गया है कि वे उनकी पसंद, भविष्य और शादी को लेकर उनसे सहमत नहीं थे। एक स्थान पर लिखा गया है, "आप (माता-पिता) हमें कोरियन छोड़ने के लिए मजबूर करना चाहते थे। कोरियन ही हमारी जिंदगी थी…आप हमारी शादी किसी भारतीय से करवाना चाहते थे, लेकिन ऐसा कभी नहीं हो सकता।"

कोरियन कल्चर के गहरे प्रभाव में थीं तीनों बहनें

यह घटना गाजियाबाद के साहिबाबाद स्थित भारत सिटी सोसायटी की है, जहां मंगलवार रात करीब 2 बजे सोसायटी की 9वीं मंजिल से कूदकर तीनों सगी बहनों ने अपनी जान दे दी। 16,14 और 12 साल की तीनों बहनों पर कोरियन कल्चर का गहरा प्रभाव था। वे कोरियाई खेलों, गानों और फिल्मों से बेहद प्रभावित थीं और धीरे-धीरे उनकी रुचि इतनी बढ़ गई कि उनकी सोच, पसंद और पहचान तक उसी के इर्द-गिर्द घूमने लगी। हालात यहां तक पहुंच गए थे कि तीनों ने अपना नाम और पहनावा भी बदल लिया था। घटना के बाद उनके कमरे से सुसाइड नोट और करीब 8–9 पन्नों की एक डायरी बरामद हुई है।

तीनों बहनों ने बदली थी पहचान

इन लिखित दस्तावेज़ों में दर्ज बातों से पता चलता है कि तीनों बहनों के जीवन में कोरियन संस्कृति का असर बेहद गहरा था और वे इसे अपने परिवार और अपनी जान से भी अधिक अहम मानने लगी थीं। जांच में सामने आया है कि तीनों बहनें भविष्य में कोरिया जाने का सपना देखती थीं। वे अपने हेयरस्टाइल, कपड़ों और रहन-सहन से खुद को कोरियन दिखाने की कोशिश करती थीं। इतना ही नहीं, उन्होंने अपनी पहचान बदलते हुए अपने लिए कोरियन नाम रख लिए थे। वे एक-दूसरे को MARIA, ALIZA और CINDY नाम से ही बुलाती थीं। सुसाइड नोट में यह भी लिखा गया है कि वे आगे चलकर किसी भारतीय से नहीं, बल्कि कोरियन व्यक्ति से ही शादी करना चाहती थीं।

डायरी में दर्ज है उनकी मनःस्थिति

तीनों नाबालिग बहनों के कमरे से मिली एक छोटी डायरी उनके भीतर चल रहे मानसिक संघर्ष और भावनात्मक तनाव को उजागर करती है। रंगीन कोरियाई दुनिया के सपनों, पसंदीदा कलाकारों और कल्पनाओं के बीच लिखे गए ये पन्ने यह भी बताते हैं कि परिवार के भीतर उनकी पसंद और पहचान को लेकर तनाव बना हुआ था। पुलिस के मुताबिक, डायरी में कई बार कोरिया के प्रति उनके गहरे लगाव का जिक्र मिलता है और यह भी संकेत मिलता है कि परिवार उन्हें अपनी उस कल्पनात्मक दुनिया से बाहर आने के लिए दबाव डाल रहा था, जिससे वे भावनात्मक रूप से जुड़ी हुई थीं।

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