नई दिल्ली

बालाघाट में बच्चों की मौत: अभिजीत दिपके ने आदिवासी गांवों का दौरा किया, प्रशासन से जवाबदेही तय करने की मांग

Madhya Pradesh child death: बालाघाट में संक्रामक बीमारियों से 30 से अधिक बच्चों की मौत के मामले में CJP संयोजक अभिजीत दिपके ने आदिवासी गांवों का दौरा किया। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर प्रशासन से जिम्मेदारी तय करने की मांग की।
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Madhya Pradesh child death
बालाघाट में बच्चों की मौत मामले में प्रशासन से जवाबदेही तय करने की मांग, फोटो सोर्स- ANI

Abhijit Dipke on Balaghat child deaths : कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संयोजक अभिजीत दिपके ने शनिवार को मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के आदिवासी गांवों का दौरा किया। उन्होंने हाल ही में संक्रामक बीमारियों के कारण अपने बच्चों को खोने वाले परिवारों से मुलाकात की और मामले में प्रशासन की जवाबदेही तय करने की मांग की।

इस दौरान अभिजीत दिपके ने कहा कि उनका दौरा किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और जवाबदेही तय करने के लिए है। उन्होंने कहा कि 'हम यहां केवल जिम्मेदारी और जवाबदेही तय करने आए हैं।' इससे पहले इसी सप्ताह जबलपुर हाई कोर्ट की पीठ ने बालाघाट जिले में कथित तौर पर संक्रामक बीमारियों के कारण 30 से अधिक बच्चों की मौत के मामले में राज्य सरकार से जवाब मांगा था।

अस्पताल में 50 बेड की क्षमता, 400 बच्चों का इलाज

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया और न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की खंडपीठ ने एक जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करते हुए राज्य के स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, बालाघाट कलेक्टर और अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया था। बता दें कि जनहित याचिका में आरोप लगाया गया है कि प्रभावित बच्चों को पर्याप्त इलाज नहीं मिल रहा है। याचिका में यह भी दावा किया गया कि करीब 400 बच्चों का इलाज ऐसे अस्पताल में किया जा रहा है, जिसकी क्षमता महज 50 बेड की है।

याचिका में प्रभावित इलाकों में हैंडपंपों से पीले रंग का पानी आने का भी दावा किया गया है। इसके अलावा आरोप लगाया गया कि बच्चों और महिलाओं को कई महीनों से समय पर पौष्टिक भोजन नहीं मिल रहा था। याचिका में इन परिस्थितियों को बच्चों की सेहत पर पड़ने वाले असर से जोड़ते हुए पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाओं और बुनियादी जरूरतों की उपलब्धता पर भी सवाल उठाए गए हैं। बालाघाट में बच्चों की मौत के मामले ने स्वास्थ्य सुविधाओं, स्वच्छ पेयजल और पोषण व्यवस्था को लेकर प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं। अब CJP संयोजक अभिजीत दिपके के आदिवासी गांवों के दौरे और प्रभावित परिवारों से मुलाकात के बाद इस मामले में जिम्मेदारी और जवाबदेही तय करने की मांग और तेज हो गई है।

Updated on:
12 Sept 2026 12:44 pm
Published on:
12 Sept 2026 12:44 pm