नई दिल्ली

बांग्लादेश ने दिया भारत को तोहफा, कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए दिया चटगाँव बंदरगाह के इस्तेमाल का प्रस्ताव

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना से मुलाकात की, जिन्होंने दोनों पड़ोसियों के बीच संपर्क बढ़ाने के लिए भारत के पूर्वोत्तर राज्यों जैसे असम और त्रिपुरा को अपने देश के मुख्य बंदरगाह 'चटगांव' बंदरगाह की पेशकश की।

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बांग्लादेश ने दिया भारत को तोहफा, कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए दिया चटगाँव बंदरगाह के इस्तेमाल का प्रस्ताव

भारत ने बांग्लादेश में बड़ी कूटनीतिक जीत हासिल की है। बांग्लादेशी प्रधानमंत्री शेख हसीना ने चटगाँव बंदरगाह का इस्तेमाल करने का प्रस्ताव भारत को दिया है। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार को बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना से मुलाकात की। एस जयशंकर के साथ बातचीत के दौरान दोनों देशों के बीच संपर्क बढ़ाने की जरूरत पर जोर देते हुए शेख हसीना ने गुरुवार को कहा कि भारत के पूर्वोत्तर राज्य संपर्क बढ़ाने के उद्देश्य के लिए चटगांव बंदरगाह का इस्तेमाल कर सकते हैं।

बता दें, चटगांव बंदरगाह बांग्लादेश का मुख्य बंदरगाह है जो कर्णफुली नदी के तट पर चटगांव शहर में स्थित है। बंदरगाह बांग्लादेश के निर्यात-आयात व्यापार का 80% संभालता है और इसका उपयोग भारत, नेपाल और भूटान द्वारा ट्रांस-शिपमेंट के लिए किया जाता है। शेख हसीना ने कहा, "यदि संपर्क बढ़ाया जाता है, तो असम और त्रिपुरा जैसे भारतीय पूर्वोत्तर राज्यों को चट्टोग्राम में बंदरगाह तक पहुंच प्राप्त हो सकती है।"

तो वहीं विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शेख हसीना को भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से दिल्ली आने का निमंत्रण भी दिया। विदेश मंत्री जयशंकर ने "प्रधानमंत्री शेख हसीना को उनके गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए धन्यवाद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की व्यक्तिगत शुभकामनाएं दीं। दोनों नेताओं के मार्गदर्शन में हमारे द्विपक्षीय संबंध मजबूती से आगे बढ़ रहे हैं।"

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तो वहीं बांग्लादेश के प्रेस सचिव एहसानुल करीम ने बताया कि पीएम शेख हसीना ने जयशंकर से कहा कि आपसी लाभ के लिए कनेक्टिविटी बढ़ाने की जरूरत है। ऐसे में बांग्लादेश के दक्षिण-पूर्वी चटगाँव बंदरगाह का उपयोग करने से भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र को विशेष रूप से फायदा होगा। उन्होंने आगे कहा, "अगर संपर्क बढ़ाया जाता है, तो भारत के पूर्वोतर राज्यों जैसे असम और त्रिपुरा को चट्टोग्राम में बंदरगाह तक पहुंच प्राप्त हो सकती है।"

आपको बता दें, बांग्लादेश की प्रधानमंत्री ने बांग्लादेश और भारत के बीच सीमा पार मार्गों को फिर से शुरू करने की पहल की है, जिसे 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान बंद कर दिया गया था। उस समय बांग्लादेश पाकिस्तान का हिस्सा था और उसे पूर्वी पाकिस्तान के नाम से जाना जाता था। मुलाकात के दौरान विदेश मंत्री जयशंकर ने बांग्लादेशी पीएम के साथ द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्ददों पर चर्चा की।

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Published on:
29 Apr 2022 01:12 pm
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