नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव पटना मेट्रो रेल भूमिगत कार्य के उद्घाटन में एक साथ पहुंचे। बिहार में मेट्रो निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। उम्मीद की जा रही है कि पटना मेट्रो 2024 में चलने लगेगी। पटना शहर के हो रहे विस्तार और तेजी से बढ़ती जनसंख्या को देखते हुए मेट्रो के आ जाने से सुविधा बढ़ जाएगी।
बिहार की राजधानी पटना भी अब जल्द ही मेट्रो सिटी कहलाएगी। इस शहर में भी लोग मेट्रों से सफर करने का लाभ उठा पाएंगे। राज्य सरकार ने इसके लिए काम तेजी से करना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को पटना मेट्रो रेल परियोजना के भूमिगत निर्माण कार्य का शिलान्यास किया। कार्यक्रम स्थल पर नीतीश कुमार के साथ उनके डिप्टी तेजस्वी यादव भी मौजूद थे।
पटना मेट्रो का निर्माण कार्य दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन (DMRC) द्वारा किया जा रहा है। पटना मेट्रो रेल परियोजना का काम भूमिगत हिस्सों में हो रहा है। गांधी मैदान, पटना मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल (पीएमसीएच), पटना विश्वविद्यालय और मोइन-उल-हक स्टेडियम की ओर निर्माण कार्य जारी है। पटना शहर के हो रहे विस्तार और तेजी से बढ़ती जनसंख्या को देखते हुए मेट्रो यातायात सुविधाएं बढ़ाने का काम करेगा।
पटना का ट्रैफिक पिछले पांच साल में काफी बढ़ गया है। इस अवधि में कई नई सड़कें बनाई गईं। फ्लाईओवर और आरओबी बनवाए गए, लेकिन जाम की समस्या हल नहीं हो रही है। सड़कों का चौड़ीकरण भी कराया गया। इसके बाद भी सभी मार्गों पर आए दिन जाम लगता है। ऐसे में मेट्रो शुरू होने के बाद शहरवासियों को जाम से छुटकारा मिलेगा। वहीं, मेट्रो स्टेशन के शुरू होने से इस क्षेत्र में यातायात संबंधी चिंताएं कम कर पाना संभव हो सकेगा।
2024 तक पटना मेट्रो रेल दो कॉरिडोर पर चलने की उम्मीद है। पटना मेट्रो के अंतर्गत कुल 26 मेट्रो स्टेशन बनाए जाने हैं। दानापुर-मीठापुर-खेमनीचक तक बनने वाले कोरिडोर-एक में 14 जबकि पटना जंक्शन रेलवे स्टेशन से आइएसबीटी तक बनने वाले कोरिडोर-दो में 12 स्टेशन बनाए जाने हैं। दोनों ही कोरिडोर में दो-दो इंटरचेंज स्टेशन होंगे। दानापुर कैंट-मीठापुर कॉरिडोर शहर के बीचोबीच से गुजरेगा और घनी आबादी वाले क्षेत्रों जैसे रजा बाजार, सचिवालय, उच्च न्यायालय और लॉ यूनिवर्सिटी रेलवे स्टेशन को जोड़ेगा।
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