विभागीय बैठक में मंत्री तेजप्रताप यादव के साथ उनके जीजा शैलेश कुमार के शामिल होने को लेकर भाजाप लगातार नीतीश सरकार पर हमला बोल रही है। अब भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील मोदी ने एक बयान जारी कर कहा है कि बिहार में राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के दामाद और राजद कार्यकर्ता ही सरकार चलायेंगे।
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने एक बार फिर नीतीश कुमार पर हमला बोला है। सुशील मोदी ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि अब बिहार में जनप्रतिनिधि और काबिल अधिकारी नहीं बल्कि राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के दामाद और राजद कार्यकर्ता ही सरकार चलायेंगे। उन्होंने बिहार के वन एवं पर्यावरण मंत्री तेजप्रताप यादव के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की बैठक में अपने जीजा को शामिल करने को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधा और कहा कि अब प्रदेश में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के दामाद और कार्यकता ही सरकार चला रहे हैं।
दरअसल, गुरुवार को पर्यावरण वन एवं जयवायु परिवर्तन मंत्री तेजप्रताप के साथ विभागीय बैठक में उनके जीजा शैलेश कुमार शामिल हुए थे। इसे लेकर ही सुशील कुमार मोदी ने सवाल किया था कि क्या बड़े बेटे की सरकारी बैठक में दामाद और छोटे बेटे की बैठक में कार्यकर्ता? क्या नीतीश जी अब सरकारी बैठकों में दामाद/कार्यकर्ता को बैठने की अनुमति मिल गयी है?
इसके बाद बिहार की महागठबंधन की सरकार पर आरोप लगाते हुए सुशील मोदी ने कहा, "अब बिहार में जनप्रतिनिधि और काबिल अफसर नहीं, बल्कि लालू प्रसाद के दामाद और आरजेडी कार्यकर्ता ही सरकार चलायेंगे।" उन्होंने कहा, "चारा घोटाला वालों के आगे नीतीश कुमार इतने बेचारे और कमजोर हो गए है कि वे सरकारी काम में अनुचित हस्तक्षेप नहीं रोक पा रहे। वन एवं पर्यावरण मंत्री तेज प्रताप यादव की अध्यक्षता वाले प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की पहली समीक्षा बैठक में लालू प्रसाद के दामाद शैलेश कुमार न केवल मौजूद थे, बल्कि उसका संचालन कर रहे थे।"
उन्होंने आगे कहा, "राजद के छोटे राजकुमार तेजस्वी प्रसाद यादव जब पथ निर्माण और स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा कर रहे थे, तब उनकी ठीक बगल में पार्टी कार्यकर्ता संजय यादव मौजूद थे।" सुशील मोदी ने सवाल किया कि क्या नीतीश कुमार ने मंत्री के रिश्तेदारों, पार्टी कार्यकर्ताओं और निजी सचिवों को सरकारी बैठकों में शामिल होने का आदेश जारी कर दिया है? यदि नहीं, तो ऐसा होने पर संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
सुशील मोदी ने आगे कहा, "अब सरकार उनकी है, जो अफसरों को चप्पल मार कर सीधा करने की धमकी दे चुके हैं। किसी आइएएस अधिकारी की मजाल नहीं कि वह सरकारी कामकाज में लालू परिवार का दखल रोक दे।" उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यह गरीब राज्य एक व्यक्ति के प्रधानमंत्री बनने की महत्वाकांक्षा की कितनी कीमत चुकाएगा? सुशासन का क्या होगा?
बता दें, सुशील मोदी, नीतीश कुमार के पाले बदलने के बाद, लगातार हमलावर है। चाहे जंगलराज की बात हो या फिर बिहार में आपराधिक छवि वाले विधायकों को मंत्री बनाने की बात हो, वह लगातार नीतीश कुमार सरकार पर हमला कर रहे हैं। उन्होंने नीतीश कुमार के RJD के साथ महागठबंधन सरकार बनाने के बाद यह भी कह दिया था कि नीतीश अब मूक दर्शक मुख्यमंत्री होंगे। सब-कुछ तेजस्वी यादव और लालू प्रसाद यादव तय करेंगे।
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