
CEC Gyanesh Kumar: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर मंगलवार को INDIA ब्लॉक के सांसदों ने संसद से निर्वाचन सदन स्थित चुनाव आयोग मुख्यालय तक मार्च निकाला। इस दौरान कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर संविधान के उल्लंघन का आरोप लगाया और कहा कि उन्हें अब पद पर बने नहीं रहना चाहिए।
ANI से बातचीत में जयराम रमेश ने कहा कि इस पूरे अभियान का उद्देश्य यह बताना है कि एक संवैधानिक पद पर बैठे मुख्य चुनाव आयुक्त ने संविधान का उसके शब्दों और भावना, दोनों के स्तर पर उल्लंघन किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने सुप्रीम कोर्ट और देश से झूठ बोला है। जयराम रमेश ने कहा कि स्पष्ट रूप से वह अब पद पर नहीं रह सकते।' उन्होंने INDIA ब्लॉक के प्रदर्शन को चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ विपक्ष की आपत्ति से जोड़ते हुए यह बात कही।
कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने चुनाव आयोग के फैसलों को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के फैसले मुख्य चुनाव आयुक्त द्वारा एकतरफा लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के सभी फैसले या तो सर्वसम्मति से या बहुमत के आधार पर लिए जाने चाहिए। उन्होंने Form 6 में किए गए बदलावों और Form 7 के कथित दुरुपयोग का भी मुद्दा उठाया। कार्ति चिदंबरम ने कहा कि चुनाव आयोग को इस मामले में स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और सुप्रीम कोर्ट के सामने संबंधित फाइलें रखनी चाहिए, ताकि यह पता चल सके कि ये फैसले किस प्रक्रिया के तहत लिए गए। उन्होंने कहा कि वोट देने का अधिकार मौलिक अधिकार है, यह चुनाव आयोग की ओर से दिया जाने वाला कोई उपहार या एहसान नहीं है।
इस बीच, INDIA ब्लॉक के मार्च के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अन्य विपक्षी सांसदों के साथ चुनाव आयोग कार्यालय में प्रवेश करने की कोशिश की। हालांकि, सुरक्षा कर्मियों ने नेताओं को कार्यालय परिसर में प्रवेश करने से रोक दिया। प्रवेश से रोके जाने के बाद कांग्रेस नेताओं ने चुनाव आयोग कार्यालय के सामने धरना दिया। INDIA ब्लॉक के सांसद संसद से निर्वाचन सदन की ओर मार्च करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं।