नई दिल्ली

NEET आंदोलन के बाद CJP की नई रणनीति, अभिजीत दीपके बोले- अब E20 के खिलाफ ‘प्रेशर ग्रुप’ की तरह करेंगे काम

CJP support Jharkhand student protest: 'कॉकरोच जनता पार्टी' के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि CJP चुनाव नहीं लड़ेगी, बल्कि 'प्रेशर ग्रुप' के रूप में काम करेगी। संगठन बेरोजगारी, एथेनॉल नीति और झारखंड छात्र आंदोलन को समर्थन देगा।
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Abhijeet Dipke CJP pressure group statement
NEET आंदोलन के बाद CJP की नई रणनीति, फोटो - IANS

CJP pressure group statement: 'कॉकरोच जनता पार्टी' के संस्थापक अभिजीत दीपके ने साफ कर दिया है कि उनका संगठन कोई पारंपरिक राजनीतिक दल नहीं बनेगा, बल्कि यह एक सशक्त 'प्रेशर ग्रुप' और जनआंदोलन के रूप में कार्य करेगा। महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजी नगर में आयोजित CJP की दो दिवसीय कोर टीम बैठक से पहले संवाददाताओं को संबोधित करते हुए दीपके ने देश की मौजूदा राजनीतिक और सामाजिक स्थिति पर चिंता व्यक्त की।

उन्होंने कहा कि आज आम जनता का राजनीतिक दलों, मीडिया, न्यायपालिका और चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक व लोकतांत्रिक संस्थाओं से भरोसा उठ चुका है। ऐसी वक्त में देश को एक और राजनीतिक पार्टी की नहीं, बल्कि एक ऐसे सार्वजनिक दबाव समूह की आवश्यकता है जो सरकार और इन संस्थाओं को जनता के प्रति जवाबदेह बना सके।

अब E20 को लेकर सीजेपी तैयार

दीपके ने जोर देते हुए कहा कि नीट (NEET) पेपर लीक विवाद के खिलाफ चला 37 दिनों का आंदोलन केवल शिक्षा क्षेत्र की समस्याओं तक सीमित नहीं था, बल्कि इसने व्यापक सामाजिक और संस्थागत सुधारों की मांग को जन्म दिया। CJP के भविष्य के रोडमैप का खुलासा करते हुए उन्होंने बताया कि संगठन अब केवल छात्र मुद्दों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सरकार की एथेनॉल-ब्लेंडिंग फ्यूल पॉलिसी, देश में तेजी से बढ़ती बेरोजगारी और कई राज्यों में प्रशासनिक कमियां जैसे गंभीर विषयों को भी प्रमुखता से उठाएगा।

जल्द झारखंड जाएंगे दीपके

इसके साथ ही झारखंड में JPSC परीक्षा धांधली और पेपर लीक के खिलाफ पिछले एक महीने से हड़ताल और भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों के मुद्दे पर दीपके ने कहा कि CJP की टीम जल्द ही झारखंड जाएगी और प्रदर्शनकारी युवाओं की मांगों का पूरी ताकत से समर्थन करेगी। संगठन के मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास ने भी स्पष्ट किया कि देश में राजनीतिक दलों की कमी नहीं है, लेकिन इसके बावजूद यदि लोगों का दर्द और आक्रोश कम नहीं हो रहा है, तो इसका समाधान जमीनी स्तर का जनआंदोलन ही है। दास ने बताया कि CJP हालिया आंदोलनों में घायल हुए छात्रों को कानूनी व इलाज की मदद पहुंचा रहा है और सरकार से छात्रों पर दर्ज FIR वापस लेने की मांग कर रहा है। प्रख्यात पर्यावरणविद् और शिक्षा कार्यकर्ता सोनम वांगचुक संगठन के मेंटर के रूप में मार्गदर्शन करते रहेंगे।

Updated on:
05 Aug 2026 03:20 pm
Published on:
05 Aug 2026 03:20 pm