बता दें कि आज तक के एक डिबेट कार्यक्रम में अभिजीत दीपके ने डॉ. भीमराव अंबेडकर के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि बाबासाहेब ने अपना पूरा जीवन समाज के वंचित, शोषित और कमजोर वर्गों को न्याय दिलाने के लिए समर्पित किया। उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर केवल संविधान निर्माता ही नहीं थे, बल्कि सामाजिक समानता और अधिकारों के सबसे बड़े पैरोकार भी थे। दीपके ने विशेष रूप से महिलाओं के अधिकारों का जिक्र करते हुए कहा कि बाबासाहेब ने महिलाओं की स्वतंत्रता, समानता और सशक्तिकरण के लिए ऐतिहासिक कार्य किए। उनके मुताबिक, महिलाओं को शिक्षा, संपत्ति और समान अधिकार दिलाने की दिशा में डॉ. अंबेडकर का योगदान इतना महत्वपूर्ण है कि उन्होंने महिलाओं के लिए उतना, बल्कि कई मामलों में उससे भी अधिक काम किया, जितना किसी अन्य वर्ग के उत्थान के लिए किया गया।