नई दिल्ली

CJP Protest: 20 जुलाई के प्रदर्शन के नए वीडियो वायरल, संसद के बेहद करीब पहुंच गए थे प्रदर्शनकारी

CJP Jantar Mantar protest video: नीट पेपर लीक को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन का नया वीडियो सामने आया है। दावा है कि 20 जुलाई को उग्र प्रदर्शनकारी संसद भवन से महज 100 मीटर की दूरी तक पहुंच गए थे।
2 min read
CJP Jantar Mantar protest video
संसद के बेहद करीब पहुंच गए थे प्रदर्शनकारी, फोटो सोर्स- IANS

Cockroach Janta Party Parliament march: दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी ने NEET पेपर लीक मामले को लेकर लंबा धरना-प्रदर्शन किया था। कई दिनों तक चले आंदोलन के बाद आखिरकार सरकार ने उनकी सभी प्रमुख मांगें मान लीं। हालांकि, इस पूरे आंदोलन के दौरान 20 जुलाई की एक घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया था। अब उसी दिन का एक और नया वीडियो सामने आया है, जिसमें कथित तौर पर प्रदर्शनकारी संसद भवन के बेहद करीब पहुंचते दिखाई दे रहे हैं। यह वीडियो न्यूज18 इंडिया ने अपने एक्स हैंडल पर साझा किया है। वीडियो के साथ दावा किया गया है कि उग्र प्रदर्शनकारी संसद भवन से महज 100 मीटर की दूरी तक पहुंच गए थे।

बता दें कि यह वीडियो कॉकरोच जनता पार्टी के द्वारा आयोजित संसद मार्च के दौरान की है। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने संसद मार्ग की ओर बढ़ रही भीड़ को बैरिकेड लगाकर रोकने की कोशिश की, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हुई। इस दौरान धक्का-मुक्की, पथराव और पुलिस पर हमला किए जाने के आरोप लगे, जबकि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर लाठीचार्ज और पैलेट गन का भी इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। घटना में कई छात्र और पुलिसकर्मी घायल हुए, जिसके बाद पुलिस ने बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया और मामले में कई एफआईआर भी दर्ज की गईं। बाद में इस घटना को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, जहां पुलिस कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों के अधिकारों को लेकर सुनवाई हुई।

सुप्रीम कोर्ट ने मामले को सही ठहराया

सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय पीठ, जिसमें मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना शामिल हैं। पीठ ने साफ कह दिया कि जरुरत पढ़ने पर पुलिस पैलेट गन का इस्तेमाल कर सकती है। इसके साथ ही CJP प्रदर्शन के दौरान घायल हुए लोगों के इलाज को लेकर दिल्ली सरकार को तत्काल कदम उठाने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान यदि किसी छात्र या अन्य व्यक्ति को कथित तौर पर पेलेट गन या पुलिस कार्रवाई में चोट लगी है, तो उसे बिना किसी देरी के उचित और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि घायलों का इलाज सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है और इसमें किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती जानी चाहिए।

Updated on:
30 Jul 2026 04:59 pm
Published on:
30 Jul 2026 04:57 pm