
Jantar Mantar Protest: 20 जुलाई को हुए 'संसद चलो' मार्च में प्रदर्शनकारियों पर हुई कार्रवाई को लेकर मामला अब काफी बढ़ गया है। कॉकरेच जनता पार्टी (CJP) ने को पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए एक नई वेबसाइट लॉन्च कर दी है। जंतर-मंतर से शुरू हुए इस डिजिटल पोर्टल के जरिए पार्टी ने आम लोगों और प्रदर्शनकारियों से घटना के वीडियो और फोटो सबूत के तौर पर मांगे हैं। CJP का कहना है कि इन सबूतों के आधार पर दोषी पुलिसकर्मियों की पहचान की जाएगी उनके खिलाफ केस दर्ज कराकर उन्हें सजा दिलाई जाएगी।
CJP के नेताओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर इस वेबसाइट को लॉन्च किया। उन्होंने देशभर के प्रदर्शनकारियों और आम लोगों से अपील की है कि अगर उनके पास घटना से जुड़ा कोई भी वीडियो या फोटो है, तो उसे इस पोर्टल पर जरूर भेजें।
पोर्टल के लॉन्चिंग मौके पर CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने साफ किया कि वेबसाइट पर आने वाली हर एक तस्वीर और वीडियो की बारीकी से जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि हम सभी वीडियो को वेरिफाई करने के बाद दोषी पुलिसकर्मियों की लिस्ट बनाएंगे और उनके खिलाफ FIR दर्ज कराने की मांग करेंगे। अगर पुलिस ने FIR दर्ज नहीं की, तो हम कोर्ट जाएंगे। दास ने यह भी बताया कि इस मुहिम में देश भर से कई वकील स्वेच्छा से आगे आए हैं और कानूनी मदद दे रहे हैं।
इस मामले में CJP ने सिर्फ पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई तक ही सीमित रहने का संकेत नहीं दिया है। पार्टी ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर, रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के प्रमुख और केंद्र सरकार से इस पूरी घटना को लेकर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है।
पार्टी ने शुक्रवार को केंद्र सरकार को एक चिट्ठी भी सौंपी है। इसमें साफ कहा गया है कि यदि उनकी मांगों को जल्द स्वीकार नहीं किया गया, तो यह विरोध प्रदर्शन केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे पूरे देश में एक बड़े आंदोलन का रूप दिया जाएगा।
CJP की एक प्रमुख मांग यह भी है कि भविष्य में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले नागरिकों को निशाना न बनाया जाए और इसकी लिखित या स्पष्ट गारंटी दी जाए। पार्टी का दावा है कि शुक्रवार को इस सिलसिले में केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों से उनकी बातचीत हुई है, जिसमें सरकार ने प्रदर्शनकारियों को निशाना न बनाने की मांग को 'सैद्धांतिक मंजूरी' दे दी है।