
CJP Abhijeet Dipke: दिल्ली में नीट-यूजी पेपर लीक को लेकर एक महीने तक चले आंदोलन और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) अपने अभियान का दायरा पूरे देश में बढ़ाने की तैयारी कर रही है। संगठन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले महीनों में उसकी कोर टीम उन राज्यों का दौरा करेगी, जहां छात्र लंबे समय से शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। जरूरत पड़ने पर इन राज्यों में प्रदर्शन भी किए जाएंगे।
सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका के अनुसार, संगठन का फोकस अब केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले समय में टीम उन राज्यों में जाएगी, जहां बड़ी संख्या में छात्र शिक्षा व्यवस्था की खामियों से जूझ रहे हैं।
‘द इंडियन एक्सप्रेस’ से बात करते हुए उन्होंने कहा कि यदि हालात की मांग हुई तो संबंधित राज्यों में छात्र आंदोलन भी आयोजित किए जाएंगे। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल सीजेपी को राजनीतिक दल बनाने की कोई योजना नहीं है।
सीजेपी का कहना है कि उसका मुख्य उद्देश्य छात्रों के अधिकारों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाना है।
दिल्ली में सोमवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीजेपी ने प्रदर्शनकारियों की कानूनी मदद के लिए 1 करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड बनाने की घोषणा की। संगठन ने 'SAAKSHI' नाम से एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म भी लॉन्च किया है। इस प्लेटफॉर्म के जरिए 20 जुलाई को हुए 'संसद चलो' मार्च के दौरान हुई कथित हिंसा से जुड़े फोटो, वीडियो और अन्य सबूत जुटाए जाएंगे। वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने भी इस युवा आंदोलन को अपना समर्थन दिया है। वह लीगल मदद देंगे।
आशुतोष रांका ने बताया कि CJP की कोर लीडरशिप में शामिल संस्थापक अभिजीत दीपके, मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और रत्ना सिंह जल्द बैठक कर आगे की रणनीति तय करेंगे। उन्होंने कहा कि दीपके फिलहाल टाइफाइड से उबर रहे हैं। इसलिए कुछ दिनों का आराम करने के बाद संगठन अपने अगले कदम पर फैसला करेगा।
रांका ने कहा कि जिन प्रदर्शनकारियों को आंदोलन के दौरान हिरासत में लिया गया या उनके खिलाफ केस दर्ज किए गए हैं, उन्हें कानूनी सहायता तब तक मिलती रहेगी, जब तक सभी को न्याय नहीं मिल जाता।
अभिजीत दीपके महाराष्ट्र के रहने वाले हैं। वह 30 वर्षीय राजनीतिक संचार रणनीतिकार हैं और पहले आम आदमी पार्टी (AAP) के साथ काम कर चुके हैं। उन्होंने अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी से पब्लिक रिलेशंस में मास्टर्स किया है।
आशुतोष रांका राजस्थान के रहने वाले हैं। उन्होंने IIT कानपुर से इंजीनियरिंग और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से मास्टर्स की पढ़ाई की है। वह 'परिवर्तन' नामक सामाजिक सुधार मंच भी चलाते हैं।
सौरव दास संगठन के मुख्य प्रवक्ता हैं और पेशे से खोजी पत्रकार हैं। जबकि रत्ना सिंह वकील हैं और पहले पत्रकार रह चुकी हैं। दोनों ही दिल्ली के रहने वाले हैं। बता दें कि सीजेपी ने अभी तक कोई औपचारिक सदस्यता अभियान शुरू नहीं किया है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में युवा स्वयंसेवक अपने स्तर पर संगठन से जुड़ रहे हैं। संगठन की कोर टीम में फिलहाल करीब 12 सदस्य हैं। इनमें वैष्णवी गौर, जो पब्लिक पॉलिसी की छात्रा हैं और आफरीन नवाज, जिन्होंने छात्रों के हित में काम करने के लिए अपनी नौकरी छोड़ दी, भी शामिल हैं।