
अभिजीत दीपके के साथ जुनैद (Photo: X/@ambedkarajay1)
CJP Junaid Malik Video: दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों के लिए भोजन और पानी की व्यवस्था करने वाले मोहम्मद जुनैद मलिक का एक नया वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में जुनैद ने सोशल मीडिया पर चल रही उन चर्चाओं का खंडन किया है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की शीर्ष नेतृत्व ने उनसे दूरी बना ली है। जुनैद का कहना है कि उनके और उनके साथियों के खिलाफ साजिश रची जा रही है और CJP की टॉप लीडरशिप उनके साथ खड़ी है।
वायरल वीडियो में मोहम्मद जुनैद कहते हैं कि सोशल मीडिया पर यह अफवाह फैलाई जा रही है कि CJP की शीर्ष नेतृत्व उनका साथ नहीं दे रही है। उन्होंने इन दावों को पूरी तरह गलत बताते हुए कहा कि कुछ लोग आंदोलन और उनके साथियों को बदनाम करने की साजिश कर रहे हैं।
जुनैद ने कहा, "CJP की टॉप लीडरशिप मेरे साथ है। सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अफवाहों पर ध्यान न दें। यह आंदोलन को बदनाम करने की कोशिश है।" हालांकि, ‘पत्रिका’ इस वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता। लेकिन इस वीडियो को CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने रीपोस्ट किया है।
इससे पहले सामने आए एक अन्य वीडियो में जुनैद का अलग ही रुख देखने को मिला था। जब उनसे पूछा गया कि क्या सीजेपी उनका समर्थन कर रही है, तो उन्होंने कहा था कि उम्मीद के मुताबिक सीजेपी नेता उनका साथ नहीं दे रहे है। उन्होंने बताया था कि न तो अभिजीत दीपके (Abhijeet Dipke) और न ही सीजेपी के टॉप नेतृत्व ने आंदोलन खत्म होने के बाद से उनसे कोई संपर्क किया है।
कथित वीडियो में जुनैद ने कहा था कि उन्हें उम्मीद थी कि पार्टी की पूरी लीगल टीम उनके समर्थन में सामने आएगी। उन्होंने यह भी कहा था कि उन्हें ऐसा महसूस हो रहा है कि पार्टी उनसे दूरी बना रही है, हालांकि वह चाहते हैं कि सभी लोग मिलकर इस लड़ाई को आगे बढ़ाएं।
‘हिंदुस्तान लाइव’ से बातचीत में जुनैद ने सीजेपी नेतृत्व को लेकर अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की थी। उन्होंने कहा था कि आंदोलन के दौरान उन्होंने 35 दिनों तक छात्रों और पार्टी से जुड़े लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की, लेकिन अब कोई उनसे संपर्क नहीं कर रहा। अगर किसी जानवर को भी 24 घंटे साथ रखो तो उससे लगाव हो जाता है। मैं 35 दिन तक उनके साथ रहा, उन्हें खाना खिलाया। उनका ध्यान रखा।
डेयरी चलाने वाले जुनैद हाल ही में उस समय सुर्खियों में आए थे, जब उन्हें दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन के बाद कथित तौर पर पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। हालांकि पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया था। जुनैद का कहना है कि यूपी पुलिस ने गाजियाबाद के मसूरी थाना क्षेत्र स्थित उनके नाहल गांव जाकर उनके परिजनों से भी पूछताछ की थी। उनके बैंक खातों की जानकारी भी ली गई थी।
मोहम्मद जुनैद मलिक उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के नाहल गांव के रहने वाले हैं। दिल्ली के जंतर-मंतर पर अभिजीत दीपके की अगुवाई में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के छात्र आंदोलन के दौरान वह किसी पद पर नहीं थे और न ही मंच से भाषण देते थे। इसके बावजूद उन्होंने पर्दे के पीछे रहकर अहम भूमिका निभाई। उन्होंने आंदोलन स्थल पर कम्युनिटी किचन चलाया, जहां प्रदर्शन कर रहे सैकड़ों छात्रों के लिए मुफ्त भोजन, चाय, पानी और नाश्ते की व्यवस्था की गई। यह आंदोलन 20 जून से 25 जुलाई तक चला।
Updated on:
28 Jul 2026 09:51 am
Published on:
28 Jul 2026 09:44 am
