
CJP Protest: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन से पहले दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। शिवसेना (UBT) के नेता संजय राउत ने इस सख्ती को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली आ रहे लोगों की ट्रेनें रोकी गईं, प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया और राजधानी की सीमाएं सील कर दी गईं। राउत ने कहा कि जनता की आवाज को दबाया नहीं जा सकता।
पुणे में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए संजय राउत ने कहा कि देश भर से युवा और विभिन्न संगठनों के लोग अपनी मांगें उठाने के लिए दिल्ली पहुंचना चाहते थे। लेकिन उन्हें रोकने के लिए कड़े हथकंडे अपनाए जा रहे हैं।
राउत ने कहा कि युवाओं को रोकने के लिए ट्रेनें रोक दी गईं, सीमाओं को सील कर दिया गया और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया जा रहा है। यहां तक कि स्थिति पर काबू पाने के लिए जम्मू-कश्मीर से सुरक्षा बलों की टुकड़ियों को बुलाकर पूरी दिल्ली में तैनात कर दिया गया है। उन्होंने बताया यह कोई राजनीतिक साजिश नहीं बल्कि जनता का जनाक्रोश है, जिसे ताकत के बल पर दबाया नहीं जा सकता।
सुरक्षा एजेंसियों की सख्ती का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दिल्ली पहुंचने वाले प्रदर्शनकारियों को एयरपोर्ट और स्टेशनों पर ही रोका जा रहा है। CJP कार्यकर्ता अभिजीत दीपके ने मुंबई से दिल्ली पहुंचने पर एक वीडियो साझा कर दावा किया कि उन्हें और उनके साथियों को दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरते ही पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इसके अलावा, संगठन का दावा है कि फेमस YouTuber ध्रुव राठी को भी हिरासत में लिया गया है।
प्रशासन ने राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के 35 हजार से ज्यादा जवानों को तैनात किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत पूरी नई दिल्ली को 20 ऑपरेशनल जोन में बांटा गया है। हिरासत में लिए गए लोगों को रखने के लिए छत्रसाल स्टेडियम, राजीव गांधी स्टेडियम और यमुना स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स समेत 6 स्थानों को अस्थायी केंद्र बनाया गया है। दिल्ली पुलिस की सिफारिश पर करीब 57 मेट्रो स्टेशनों के एंट्री और एग्जिट गेट बंद किए गए हैं और ट्रेनों की आवाजाही सीमित कर दी गई है। वहीं, हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से चलने और वहां से गुजरने वाली कई ट्रेनों को रद्द या री-शेड्यूल किया गया है।
पुलिस प्रशासन ने इस बार 20 जुलाई को हुए पिछले प्रदर्शनों से सबक लेते हुए खास रणनीति बनाई है। इस बार पुलिसकर्मियों को लाठी-डंडे साथ रखने की इजाजत दी गई है। साथ ही, जवानों को हिदायत दी गई है कि वे प्रदर्शनकारियों के साथ किसी भी तरह के मौखिक विवाद या बहस से बचें, ताकि सोशल मीडिया पर भ्रामक वीडियो प्रसारित न हो सकें।