
CJP Protest Woman injured:कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 20 जुलाई के संसद चलो मार्च के दौरान गंभीर रूप से घायल हुई 21 वर्षीय छात्रा साक्षी की हालत में अब काफी सुधार है। दिल्ली स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल के डॉक्टरों ने राहत की सांस लेते हुए बताया कि छात्रा अब पूरी तरह होश में है, डॉक्टरों के निर्देशों का जवाब दे रही है और उसे वेंटिलेटर सपोर्ट से हटा दिया गया है।
छतरपुर एक्सटेंशन की रहने वाली साक्षी के चेहरे, गर्दन और छाती पर गंभीर चोटें आई थीं, जिसके बाद उसे तुरंत आईसीयू में भर्ती कराया गया था। साक्षी अपनी बहन के साथ इस प्रदर्शन में शामिल होने पहुंची थी, जहां उसकी बहन भी पैर में चोट लगने से घायल हो गई थी। अस्पताल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि साक्षी का ब्रेन और स्पाइन एमआरआई स्कैन रिपोर्ट पूरी तरह सामान्य आया है, जो एक बेहद सकारात्मक संकेत है।
उल्लेखनीय है कि नीट (NEET) परीक्षा में धांधली, बार-बार होते पेपर लीक और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर युवा-नेतृत्व वाली 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) ने 20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद भवन तक विशाल विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था। संसद के मानसून सत्र के पहले ही दिन हजारों की संख्या में छात्र और युवा दिल्ली में जुट गए थे।
इस दौरान स्थिति तब तनावपूर्ण हो गई जब प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा बैरिकेड्स तोड़ने का प्रयास किया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस द्वारा बल प्रयोग, लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दागे गए, जिसमें 80 से अधिक प्रदर्शनकारी और कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।
इस पूरे प्रदर्शन के दौरान दिल्ली की सड़कों पर उस समय स्थिति और गंभीर हो गई जब अन्य घायलों में एक युवक के चेहरे पर छर्रे लगने की खबरें सामने आईं। लेडी हार्डिंग अस्पताल में इलाज के दौरान अन्य प्रदर्शनकारी की आंख के पास से छर्रे निकालने के लिए सर्जरी करनी पड़ी।
विपक्ष का रुख: कांग्रेस समेत कई प्रमुख विपक्षी दलों के वरिष्ठ नेताओं ने जंतर-मंतर पहुंचकर छात्रों के आंदोलन का समर्थन किया और पुलिस कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की।
पुलिस और प्रशासन का पक्ष: दिल्ली पुलिस ने पलेट गन के इस्तेमाल के दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे भ्रामक बताया है। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने उग्र रुख अपनाते हुए पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ की और पथराव किया, जिसके जवाब में केवल हल्का बल प्रयोग किया गया था।
आरएमएल अस्पताल में स्थिति: आरएमएल में लाए गए अधिकांश अन्य मामूली रूप से घायल प्रदर्शनकारियों को प्राथमिक इलाज के बाद छुट्टी दी जा चुकी है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने भी अस्पतालों का दौरा कर घायलों का हालचाल लिया और चिकित्सा व्यवस्था का जायजा लिया। भले ही साक्षी की हालत में सुधार से थोड़ी राहत मिली हो, लेकिन दिल्ली में शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही और सुधार की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन अभी भी जारी है।