UGC Controversy: यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ सामान्य वर्ग के छात्रों ने मोर्चा खोल दिया है, वहीं इस मुद्दे पर सियासत भी गरमा गई है। इसी बीच कांग्रेस नेता ने दावा किया है कि UGC नियमों से भाजपा को दोहरा फायदा होगा और विरोध करने वाले भी आरएसएस व भाजपा से जुड़े लोग ही हैं।
UGC Controversy: यूजीसी के नए नियमों को लेकर प्रदर्शन तेज होती जा रही है, सामान्य वर्ग के सभी छात्रों ने यूजीसी के खिलाफ मोर्चा खोल दिए हैं। इसके साथ ही UGC को लेकर देश में जमकर सियासत हो रही है। इसी बीच कांग्रेस नेता ने दावा किया है कि UGC नियम से भाजपा को डबल फायदा होने वाला है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि UGC का विरोध केवल आरएसएस और भाजपा के ही लोग कर रहे हैं।
आपको बता दें कि यूजीसी से भाजपा को डबल फायदा होने का दावा उत्तर पश्चिम दिल्ली के पूर्व सांसद उदित राज ने किया है। उनका कहना है कि सामान्य वर्ग के लोग यूजीसी का कितना भी विरोध कर लें लेकिन वोट भाजपा को देंगे। इतना ही नहीं दूसरी ओर भाजपा से दलित-ओबीसी और आदिवासी भी खुश हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि UGC को एक साजिश करार देते कहा कि भाजपा चाहती है कि चित भी उनका हो और पट भी उनका हो। उन्होंने वाराणसी का जिक्र करते हुए कहा कि वहां पर सैकड़ों मंदिरों को तोड़ गया लेकिन किसी ने उसका विरोध नहीं किया। अगर वहीं दूसरी सरकार होती और काशी के अंदर मंदिर तोड़े जाते तो इसका बड़े पैमाने पर विरोध किया जाता।
यूजीसी को विरोध सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश में देखने को मिला है। यहां बरेली में यूजीसी के नियमों से असहमति जताते हुए पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा दे दिया। वहीं, इस नियम के विरोध में रायबरेली और लखनऊ में कुछ भाजपा नेताओं ने भी अपने पद छोड़ दिए हैं। दूसरी ओर, छात्रों ने मंगलवार को यूजीसी मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन करने की घोषणा की थी, जिसे देखते हुए वहां कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
कभी दिल्ली में सियासी दाव चलने वाले कुमार विश्वास ने भी यूजीसी को लेकर कहा है कि 'मैं अभागा सवर्ण हूं। दरअसल, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर कुमार विश्वास ने स्वर्गीय रमेश रंजन मिश्र की पंक्तियां साझा करते हुए लिखा, “चाहे तिल लो या ताड़ लो राजा, राई लो या पहाड़ लो राजा, मैं अभागा ‘सवर्ण’ हूं मेरा, रौंया-रौंया उखाड़ लो राजा।” इसके साथ ही उन्होंने अपनी पोस्ट में “यूजीसी रोलबैक” लिखकर नए नियमों का विरोध जताया।