
Delhi liquor scam:दिल्ली आबकारी नीति से जुड़े सीबीआई मामले में एक बड़ी कानूनी राहत के बाद, पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने अदालत में ₹50-50 हजार के मुचलके (श्योरिटी बॉन्ड) जमा किए हैं। यह प्रक्रिया राऊज एवेन्यू स्थित विशेष अदालत ने पिछले महीने दिए गए फैसले के अनुपालन में की गई है। गौरतलब है कि 27 फरवरी को विशेष न्यायाधीश ने केजरीवाल और सिसोदिया सहित सभी 23 आरोपियों को इस मामले में बड़ी राहत देते हुए आरोपों से मुक्त डिस्चार्ज कर दिया था।
कानूनी प्रक्रिया के अनुसार, जब किसी आपराधिक मामले में कोई आरोपी बरी या आरोपमुक्त होता है, तब भी उसे श्योरिटी बॉन्ड जमानत पत्र जमा करना पड़ता है। यह एक अनिवार्य न्यायिक औपचारिकता है, जिसका मुख्य उद्देश्य भविष्य की कानूनी कार्यवाही को सुरक्षित करना है। यदि अभियोजन पक्ष निचली अदालत के इस फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील दायर करता है, तो यह बॉन्ड सुनिश्चित करता है कि संबंधित व्यक्ति न्यायिक प्रक्रिया के लिए उपलब्ध रहेगा और आवश्यकता पड़ने पर अदालत में उपस्थित होगा।
यह पूरा मामला दिल्ली की पुरानी शराब नीति में हुई कथित गड़बड़ी और भ्रष्टाचार से जुड़ा था। सीबीआई का कहना था कि सरकार ने जानबूझकर नियमों को ताक पर रखकर कुछ खास लोगों को फायदा पहुंचाया है। लेकिन जब अदालत में सुनवाई हुई, तो सीबीआई के दावे और सबूत टिक नहीं पाए। कोर्ट ने दोनों पक्षों की लंबी बहस सुनने के बाद साफ कहा कि आरोपियों के खिलाफ केस चलाने लायक कोई ठोस सबूत नहीं हैं। इसी वजह से अदालत ने अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और बाकी सभी 23 आरोपियों इस मामले से पूरी तरह बरी कर दिया।
Updated on:
14 Mar 2026 01:47 pm
Published on:
14 Mar 2026 01:46 pm
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