
नई दिल्ली। कभी कांग्रेस का जमीनी और सेवा आधारित संगठन रहा कांग्रेस सेवादल एक बार फिर अपने पुराने तेवर में लौटने की कोशिश करता नजर आ रहा है। युवा नेता श्रीनिवास बीवी को सेवादल की जिम्मेदारी मिलने के बाद संगठन की गतिविधियों में बदलाव दिखाई दे रहा है। सेवादल कार्यकर्ताओं ने जंतर-मंतर पर आंदोलन कर रहे छात्रों को भोजन-पानी उपलब्ध कराया। बाद में आंदोलन समाप्त होने के बाद सफाई की। अब असम में बाढ़ राहत कार्यों में जुटे हुए हैं।
दरअसल, सेवादल की स्थापना का मूल उद्देश्य ही सेवा, अनुशासन और सामाजिक सरोकारों से जुडऩा था। आजादी के आंदोलन के दौर से लेकर लंबे समय तक यह संगठन कांग्रेस के साथ जनसेवा और अनुशासित कार्यकर्ता तैयार करने की भूमिका निभाता रहा। हालांकि, समय के साथ इसकी भूमिका सीमित होती गई और कई मौकों पर यह नेताओं के कार्यक्रमों में व्यवस्था संभालने और नेताओं के दौरों के दौरान अनुशासन बनाए रखने वाले संगठन के रूप में दिखाई देने लगा। कोरोना काल में ऑक्सीजन मेन के नाम से व्यख्यात हुए श्रीनिवास बीवी को सेवादल की कमान सौंपी गई। उन्होंने संगठन को एक साथ सेवा, अनुशासन और आंदोलन के मोर्चों पर सक्रिय किया। जल्द सेवादल का पुनर्गठन करने की कवायद चल रही है।
कांग्रेस के भीतर भी यह माना जाता रहा है कि पार्टी को मजबूत करने के लिए सिर्फ चुनावी राजनीति नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर लगातार सक्रिय रहने वाले संगठनों की जरूरत है। सेवादल की नई सक्रियता को इसी दिशा में संगठन को फिर से खड़ा करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।