नई दिल्ली

बढ़ते प्रदूषण पर बैट्री वाहनों की वकालत करते हुए SC ने कहा कार बनी स्टेटस सिंबल

Court Order : न्यायालय ने कहा कि लोगों को महंगी कारों के बजाय बैट्री कार के विकल्प को चुनना चाहिए।
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Court statement about battery vehicles
प्रतीकात्मक फोटो ( Gemini )

Court Order : वायु प्रदूषण से संबंधित एक याचिका की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की है कि, ''कार अब स्टेटस सिंबल बन गई है, लोग महंगी-महंगी कारें खरीद रहे हैं, बैट्री वाहनों की वकालत करते हुए सलाह दी कि लोगों को महंगी कारों के बजाय अच्छी बैट्री कार खरीदनी चाहिए'' यह भी कहा कि लोगों ने अब साइकिल का इस्तेमाल बंद कर दिया है और हर दूसरा आदमी कार खरीदने के लिए पैसे बचा रहा है।

प्रदूषण से संबंधित याचिका की सुनवाई कर रही थी अदालत

यह टिप्पणी वायु प्रदूषण से संबंधित एक याचिका की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश सूर्यकांत ने की। इस मामले में कोर्ट में अपनी बात रख रहे वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश द्विवेदी कह रहे थे वायु प्रदूषण बढ़ता जा रहा है। सुबह-शाम ट्रैफिक जाम लग रहे हैं ऐसे में एक से अधिक वाहनों के स्वामित्व पर रोक लगनी चाहिए। इसका मतलब यह हुआ कि एक व्यक्ति से एक से अधिक वाहन ना खरीद सके ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए। तर्क दिया कि अगर ऐसा हो जाए तो वायु प्रदूषण से काफी हद तक निजात मिल सकती है या फिर यह कदम बढ़ते वायु प्रदूषण को रोकने के लिए कारगर साबित हो सकता है।

प्राधिकरण को लगाई फटकार

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक याचिका की सुनवाई के दौरान दी गई दलीलों के आधार पर अदालत ने गुणवत्ता प्रबंधन आयोग को भी फटकार लगाते हुए प्रगति रिपोर्ट तलब की है। अदालत ने कहा कि, गुणवत्ता प्रबंधन आयोग यानी CAQM अपने कार्य में विफल रहा है। प्राधिकरण ने दिल्ली की सीमाओं से टोल प्लाजा हटाने और दिल्ली में बढ़ती वाहनों की भीड़ को कम करने के लिए दो महीने का समय मांगा था लेकिन इस अवधि में कोई सार्थक पहल प्राधिकरण की ओर से नहीं की गई। पीठ ने माना कि प्राधिकरण इस मामले में उतना गंभीर नहीं दिखता जितना कि उसे होना चाहिए। इस हीला-हवाली को अदालत ने साफ तौर पर लापरवाही माना मानते हए प्राधिकरण को काफी फटकार लगाई।

इलैक्ट्रिक वाहनों को माना अच्छा विकल्प

अदालत ने प्राधिकरण से पूछा कि दी गई समय अवधि में क्या प्राधिकरण दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण की वजह का पता लगा पाया ? इस मामले में अतिरिक्त सॉलिस्टर जनरल ऐश्वर्या भाटी की ओर से अतिरिक्त समय की डिमांड की गई थी लेकिन पीठ मौखिक रूप से टिप्पणी करते हुए प्राधिकरण के कार्य से असंतुष्टि जताई और स्थगन याचिका को अस्वीकार कर दिया। अदालत ने कहा कि आर्थिक रूप से संपन्न जो लोग स्टेटस सिंबल के लिए महंगी गाड़ियां खरीद रहे हैं उन्हे महंगी गाड़ियों के बजाय अच्छी इलैक्ट्रिक गाड़ियों की ओर रुख करना चाहिए। ऐसा करके वह बढ़ते प्रदूषण को रोकने में मददगार साबित हो सकते हैं।

Updated on:
07 Jan 2026 06:50 am
Published on:
07 Jan 2026 06:49 am
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