ट्रैफिक पुलिसकर्मी ने रुकने का इशारा किया तो कार चालक ने रफ्तार बढ़ा दी। ट्रैफिक कर्मी को टक्कर लगी और वह बोनट से चिपक गया इसके बाद काफी दूर तक चालक कार को दौड़ाता रहा।
Crime उत्तर प्रदेश के हाईटेक शहर नोएडा ऐसी घटना सामने आई है जिसे देख राहगीरों की भी रूह कांप गई। चेकिंग से बचने के लिए एक कार सवार ने ट्रैफिक पुलिसकर्मी को न सिर्फ टक्कर मारी, बल्कि उसे बोनट पर लटकाकर करीब 500 मीटर तक मौत की दौड़ लगाई।
यह घटना पी-3 गोलचक्कर की है। घटना को देखने वालों ने मीडियाकर्मियों को बताया कि, दोपहर करीब ढाई बजे ट्रैफिक कांस्टेबल गुरमीत चौधरी मुस्तैदी से वाहनों की जांच कर रहे थे। इसी दौरान एक लाल रंग की कार को संदिग्ध पाकर उन्होंने रुकने का इशारा किया। सिपाही को सामने देख ड्राइवर ने रफ्तार कम करने के बजाय अचानक एक्सीलीटर दबा दिया। सिपाही गुरमीत ने खुद को बचाने की कोशिश की लेकिन कार की टक्कर लगते ही वे सीधे बोनट पर जा गिरे। इसके बावजूद ड्राइवर ने गाड़ी नहीं रोकी और सिपाही को बोनट पर लादे हुए ही करीब आधा किलोमीटर तक सड़क पर फर्राटा भरता रहा।
लोगों ने बताया कि यह नजारा किसी एक्शन फिल्म जैसा था, लेकिन यहां सिपाही की जान दांव पर लगी थी। लोग चिल्लाते रहे, पर चालक ने गाड़ी की रफ्तार कम नहीं की। कुछ ही देर में यह इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। घटना के समय वहां खड़े एक व्यक्ति ने यह पूरा घटनाक्रम अपने मोबाइल फोन के कैमरे में कैद कर लिया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही वीडियो को देखने से पता चलता है कि पुलिसकर्मी अपनी जान बचाने के लिए बोनट को मजबूती से पकड़े हुए है और कार तेज गति से भाग रही है।
कुछ दूर आगे जाकर जब भीड़ बढ़ने लगी, तो चालक पुलिसकर्मी को पटककर और गाड़ी छोड़कर मौके से फरार हो जाता है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद एक्शन में आई पुलिस ने आरोपी कार चालक को खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया। गनीमत रही कि इस घटना में कांस्टेबल गुरमीत चौधरी को कोई गंभीर चोट नहीं आई। घटना के बाद से वह सुरक्षित है लेकिन असहज महसूस कर रहे हैं। इस मामले में पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। कोतवाली में अज्ञात चालक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
दर्ज FIR में आरोपी कार चालक के खिलाफ हत्या का प्रयास (Attempt to Murder) के आरोप हैं। इसके साथ ही लापरवाही से वाहन चलाना और सरकारी कार्य में बाधा डालने जैसी गंभीर धाराएं भी लगाई गई हैं। घटना के बाद पुलिस ने लाल रंग की उस कार को भी कब्जे में ले लिया है जिससे इस घटना को अंजाम दिया गया। अपर पुलिस उपायुक्त (ADCP) सुधीर कुमार ने बताया कि गाड़ी के नंबर के आधार पर मालिक और चालक की पहचान की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि आरोपी के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा।