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Crime देश के तीन अलग-अलग कोनों से आई इन तस्वीरों ने पूरे भारत को झकझोर कर रख दिया है। पिछले 48 घंटों के भीतर 11 ऐसी मौत हुई हैं, जिन्होंने पुलिस तंत्र की नींद उड़ा दी है। कहीं पूरा परिवार खत्म हो गया, तो कहीं सड़क पर खड़ी लग्जरी कार 'कब्रगाह' बन गई। ताज्जुब की बात यह है कि इन सभी वारदातों का कोई भी चश्मदीद गवाह नहीं है। पुलिस की जांच अब आत्महत्या, मर्डर, तंत्र-मंत्र और फूड पॉइजनिंग की थ्योरी के बीच उलझी हुई है।
मथुरा के एक पॉश इलाके में उस वक्त मातम पसर गया जब एक ही घर से पति-पत्नी और तीन बच्चों के शव बरामद हुए। पुलिस पहुंची तो शुरुआती जांच में इसे सामूहिक आत्महत्या माना गया। पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला है जिसमें आर्थिक तंगी और कर्ज का जिक्र है। पुलिस इसे सामूहिक आत्महत्या मान रही थी लेकिन घटनास्थल पर एक गड़बड़ दिखाई दी। यह गड़बड़ इस थ्योरी को सपोर्ट नहीं करती। पड़ताल में पता चला कि, कमरे का दरवाजा बाहर से बंद था। बच्चों के शरीर पर संघर्ष के निशान थे। ऐसे में यह घटना कुछ और लगती है। आशंका यह भी जताई जा रही है कि परिवार का एक व्यक्ति मरना चाहता था लेकिन बाकी नहीं। ऐसा हो सकता है कि परिवार के उस व्यक्ति ने पहले सबको मारा और फिर खुद जहर खा लिया हो। इसी तरह से कई और भी सवाल उठ रहे हैं लेकिन सबसे बड़ी परेशानी यह है कि इस घटना का कोई चश्मदीद नहीं है ऐसे में गुत्थी उलझी हुई है।
राजधानी के पीरागढ़ी फ्लाईओवर पर रविवार दोपहर एक लावारिस कार मिली, जिसने दिल्ली पुलिस के होश उड़ा दिए।
इस मामले में पुलिस ने 70 साल के एक कथित तांत्रिक को हिरासत में लिया है। पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि हिरासत में लिया गया आरोपी तांत्रिक दो लाख को तीन करोड़ रुपये में बदलने का लालच देता था। आप सोच रहे होंगे कि इसका मौत के क्या कनेक्शन है ? तो आपका सोचना बिल्कुल उचित हैं लेकिन यहां कथित तांत्रिक का लड्डू कनेक्शन सामने आ रहा है। आशंका है कि तांत्रिक ने 'धन वर्षा' का झांसा देकर पीड़ितों को नशीला पदार्थ या जहर मिला हुआ लड्डू खिलाया। कार के दरवाजे अंदर से लॉक थे और शवों के पास शराब की बोतलें भी मिली।
तीसरी घटना सूरत के हरिपुरा ( लालगेट ) इलाके में एक संपन्न केमिकल व्यापारी फैय्याज अहमद, उनकी पत्नी मुबीना और 13 साल के बेटे नोमान की लाश अलग-अलग कमरों में मिलीं। व्यापारी का परिवार हाल ही में उमराह करके लौटा था। बताया जा रहा है कि जिस वक्त यह हादसा हुआ व्यापारी की बेटी अपनी दादी के घर थी इसलिए उसकी जान बच गई। पुलिस और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या यह मौत किसी जहरीली गैस के रिसाव से हुई या फिर इसके पीछे कोई गहरी साजिश है ?
क्या ये घटनाएं महज इत्तेफाक हैं कि तीनों जगहों पर कोई चश्मदीद नहीं मिला ? क्या समाज में पनप रही हताशा लोगों को सामूहिक मौत की ओर धकेल रही है? क्या मथुरा में घर का दरवाजा 'बाहर' से बंद होने के पीछे कोई बड़ा राज है ? तांत्रिक कमरुद्दीन के सिंडिकेट में और कितने लोग शामिल हैं ? सूरत के मामले में क्या 'केमिकल लोचा' मौत की वजह बना ?
Published on:
11 Feb 2026 09:23 pm
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