Crime : पिता के लिए स्पेशल खाना बनाया और फिर डाइनिंग पर अपनी भी थाली सजाई। इसके बाद आत्महत्या कर ली।
Crime : मुजफ्फरनगर के मोहल्ला पटेलनगर में रहने वाले एक रिटायर्ड शिक्षक ने बेटे ने लाईसेंसी पिस्टल से खुद को ही गोली मारकर आत्महत्या कर ली। प्राथमिक पड़ताल में पता चला है कि युवक के पास इन दिनों कोई काम नहीं था। पत्नी काफी दिनों से मायके गई थी और सात महीने पहले मां की मृत्यु हो गई था। मकान में रिटायर्ड शिक्षक अब अपने बेटे के साथ रहते थे। रविवार रात उनके बेटे ने घर में ही लाइसेंसी पिस्टल से खुद को गोली मार ली। परिजनों ने किसी भी तरह की कानूनी कार्यवाही से इंकार कर दिया। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव परिजनों को दे दिया।
रविवार शाम को 40 वर्षीय सचिन ने अपने पिता के लिए स्पेशल डिनर बनाया और फिर डाइनिंग टेबल पर पिता के साथ-साथ अपनी भी थाली लगाई थी। खाने के लिए दोनों डाइनिंग टेबल पर एक साथ बैठे लेकिन अभी पिता ने पहला ही निवाला तोड़ा था कि बेटा सचिन उठकर अंदर कमरे में चला गया। इसके बाद उसने अपनी लाईसेंसी पिस्टल उठाई और कनपटी पर फायर कर दिया। गोली आवाज के साथ एक ही पल में पूरे घर में खून फैल गया। गोली की आवाज सुनकर पड़ोसी आ गए और पुलिस को सूचना दी गई। घटना की सूचना पर युवक की पत्नी भी गुरुग्राम से मुजफ्फरनगर पहुंची। बाद में परिजनों ने किसी भी तरह की कानूनी कार्यवाही से इंकार कर दिया।
मुजफ्फरनगर की इस घटना ने सभी को हैरान कर दिया है। कोतवाली मंडी क्षेत्र के पटेलनगर में रहे वाले सचिन भारद्वाज ने शाम के समय अपनी ही लाइसेंसी पिस्टल से आत्महत्या कर ली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने छानबीन की तो घर के सचिन के कमरे से एक सुसाइड नोट भी मिला। इस सुसाइड नोट में जो लिखा था उसने इस पूरे घटनाक्रम को और भी हैरान कर देने वाला बना दिया। सुसाइड नोट में लिखा था कि परिवार में खुशी नहीं है, बैंकों का कर्जा है, मां जा चुकी है, पत्नी साथ नहीं रहती। कोई संतान नहीं है, जीने का मन नहीं करता इसलिए आत्महत्या कर रहा हूं। यह बातें सुसाइड नोट में ज्यों की त्यों तो नहीं लिखी गई लेकिन पुलिस ने पूछने पर इतना ही बताया कि सुसाइड नोट में इन बातों का जिक्र है कि परिवार में खुशी नहीं है और कर्ज भी है। सचिन की मां की मौत हो चुकी है और पत्नी साथ नहीं रहती।
माना जा रहा है कि जीवन की नीरसता से परेशान होकर सचिन ने आत्महत्या की है। इस घटना के बाद अब सचिन के पिता घर में अकेले रह गए हैं। पूरे घर में दोनों बाप-बेटे साथ रहते थे। पटेल नगर में इनका बड़ा मकान है आस-पास के लोगों का कहना है कि उन्हे ऐसा कभी लगा ही नहीं कि सचिन भारद्वाज कर्ज में डूबे हो सकते हैं। सचिन के पिता की 70 हजार रुपये से अधिक पेंशन आती है। इस घटना के बाद पूरे घर में खून फैल गया। कोतवाली मंडी प्रभारी का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। सुसाइड नोट के आधार पर आगे की कार्यवाही चल रही है।
घटना के बाद से पिता सदमें मे हैं, उनकी मानसिक हालत भी सामान्य नहीं है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराते हुए सचिन भारद्वाज की 0.32 बोर की पिस्टल को कब्जे में ले लिया है। सचिन ने सुसाइड नोट में यह भी लिखा है कि कई बैंकों का कर्ज है जिसे पूरा करने में सक्षम नहीं हूं इसलिए भी आत्महत्या कर रहा हूं। सचिन ने सुसाइड नोट में यह भी लिखा कि मरने के बाद मेरे शव का पोस्टमार्टम ना कराया जाए मेरी बॉडी अंतिम संस्कार के लिए मेरे पिता को दे दी जाए। यानी वह यह भी कहना चाहते था कि इस घटना के लिए कोई जिम्मेदार नहीं है।