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ED की रेड या खौफनाक खेल? मालकिन के बगल में खड़ी होकर मेड देती रही लोकेशन, और लुट गया पूरा खानदान!

Delhi News: दिल्ली के न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में घरेलू सहायिका ने साथियों संग मिलकर मालिक के घर फर्जी ED रेड की साजिश रची और लाखों की लूट को अंजाम दिया। दिल्ली पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दो महिलाओं को गिरफ्तार कर उनके पास से फर्जी आईडी, वर्दी और लूटे गए जेवरात बरामद कर लिए हैं।

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Delhi News: क्या आपने कभी सोचा है कि जिस मेड पर भरोसा करके आप अपने घर की चाबियां सौंप देते हैं, वही आपके खिलाफ साजिश रच सकती है? दिल्ली में एक ऐसी ही चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक नौकरानी ने ही मालिक के घर पर फर्जी ED अधिकारियों की रेड पड़वा दी। इस शातिर खेल की घर वालों को कानों-कान खबर तक नहीं हुई। यह कोई फिल्मी कहानी नहीं, बल्कि हकीकत है जो हमें सचेत करती है कि अंधा भरोसा कितना भारी पड़ सकता है।

दिल्ली के न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी इलाके से चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक घरेलू सहायक ने अपने साथियों के साथ मिलकर अपने ही मालिकों के घर फर्जी ईडी ED रेड की साजिश रच डाली। सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने आरोपियों के पास से फर्जी आईडी कार्ड, पुलिस की वर्दी, वायरलेस सेट और एक पिस्तौल बरामद की है, जिसका लाइसेंस एक्सपायर हो चुका था। इसके अलावा लूटे गए जेवरात और महंगी घड़ियां भी बरामद कर ली गई हैं। पुलिस ने इस मामले में दो महिला आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

लूटे गए जेवरात और महंगी घड़ियां भी बरामद

इसके अलावा लूटे गए जेवरात और महंगी घड़ियां भी बरामद कर ली गई हैं। बाकी आरोपियों की तलाश जारी है और चोरी हुए अन्य सामान की बरामदगी के लिए छापेमारी की जा रही है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस वारदात की साजिश कब और कैसे रची गई।

क्या है पूरा मामला?

11 फरवरी 2026 को तीन लोग पुलिस की वर्दी पहनकर न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में रहने वाले 86 वर्षीय रिटायर्ड सीनियर आर्किटेक्ट आर.सी. सभरवाल के घर में जबरन घुस गए। उन्होंने खुद को प्रवर्तन निदेशालय (ED) का अधिकारी बताया। आरोपियों ने परिवार को डराया-धमकाया, उनके मोबाइल फोन छीन लिए और घर में तलाशी का नाटक किया। इसी दौरान जब पीड़ित का पोता बीच में आ गया तो आरोपी मौके से फरार हो गए। जाते-जाते वे करीब 3-4 लाख रुपये नकद और सात लग्जरी घड़ियां लेकर भाग निकले। इस मामले में एफआईआर नंबर 66/2026, दिनांक 24/02/2026, बीएनएस की धाराओं 318(4), 319(2), 329(4), 127(3) और 3(5) के तहत न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी थाने में दर्ज की गई और जांच शुरू की गई।

CCTV और डिजिटल फुटप्रिंट से खुला राज

जांच स्थानीय पुलिस टीम ने एसीपी न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी रवि शंकर और एसएचओ राजेंद्र जैन की निगरानी में की। पुलिस ने तकनीक का बड़ा इस्तेमाल किया। टीम ने 350 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसमें डी ब्लॉक इलाके के निजी कैमरे, दिल्ली पुलिस के कैमरे और ट्रैफिक कैमरे शामिल थे। फुटेज को जोड़कर आरोपियों की मूवमेंट ट्रैक की गई। कार सराय काले खां से होते हुए गाजीपुर बॉर्डर पार कर उत्तर प्रदेश में दाखिल हुई और आखिर में गाजियाबाद के वैशाली सेक्टर-4 में पार्क होती दिखी। कार का रजिस्ट्रेशन नंबर भी सीसीटीवी से मिल गया।

इलाके के करीब 350 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरें खंगाले

इस मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए एसीपी (न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी) रवि शंकर और एसएचओ राजेंद्र जैन की देखरेख में एक विशेष टीम का गठन किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों का सहारा लेते हुए इलाके के करीब 350 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसमें स्थानीय निवासियों के निजी कैमरों के साथ-साथ दिल्ली पुलिस और ट्रैफिक विभाग के कैमरों को भी शामिल किया गया था। इन फुटेज की कड़ियों को जोड़कर पुलिस ने आरोपियों की गाड़ी का रूट ट्रैक किया। जांच में सामने आया कि वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी अपनी कार से सराय काले खां होते हुए गाजीपुर बॉर्डर के रास्ते उत्तर प्रदेश की सीमा में दाखिल हुए थे। तकनीकी निगरानी की मदद से पुलिस ने उस कार को गाजियाबाद के वैशाली सेक्टर-4 में पार्क होते हुए ढूंढ निकाला। सीसीटीवी के जरिए कार का रजिस्ट्रेशन नंबर साफ होने के बाद पुलिस के लिए आरोपियों तक पहुंचना आसान हो गया।

घर की नौकरानी की साजिश

गाजियाबाद में गाड़ी मिलने के बाद पुलिस ने मोबाइल टावर डंप डेटा और IMEI ट्रैकिंग का सहारा लिया। इसके जरिए उन मोबाइल नंबरों की पहचान की गई जो वारदात के समय घटनास्थल और वैशाली की पार्किंग लोकेशन, दोनों जगह सक्रिय थे। इस तकनीकी जांच की कड़ियां सीधे पूजा राजपूत नामक महिला के घर तक जा पहुंचीं। जब पुलिस ने स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाई, तो पता चला कि शिकायतकर्ता के घर काम करने वाली नौकरानी रेखा देवी अक्सर पूजा के इसी पते पर आती-जाती थी। इसी सुराग से पुलिस को यकीन हो गया कि लूट की इस साजिश में घर की नौकरानी भी शामिल थी। पुख्ता सबूत मिलने के बाद 25 फरवरी को जब पुलिस ने पूजा के घर पर छापा मारा, तो वहां से फर्जी रेड में इस्तेमाल किया गया सारा सामान बरामद कर लिया गया।

क्या-क्या बरामद हुआ?

आईटीबीपी के डिप्टी कमांडेंट की पूरी वर्दी, वायरलेस सेट बॉक्स, फर्जी आईडी कार्ड, लूटी गई सात लग्जरी घड़ियां और जेवरात, इन बरामदगियों ने आरोपियों को सीधे वारदात से जोड़ दिया। 25 फरवरी 2026 को दो महिला आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। जिसकी पहचान रेखा देवी (40) पीड़ित के घर की नौकरानी और मुख्य साजिशकर्ता पूजा राजपूत (45) रेखा की भाभी के रूप में हुई है।

तीन आरोपी फरार है

पुलिस अब तीन अन्य आरोपियों की तलाश में है इनमें प्रकाश (सेवारत आईटीबीपी कांस्टेबल), मनीष और उपदेश सिंह थापा (रिटायर्ड आर्मी पर्सनल) का नाम शामिल है। वारदात में इस्तेमाल की गई बलेनो कार उपदेश सिंह थापा के नाम पर रजिस्टर्ड है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और लूट का बाकी सामान बरामद करने की कोशिश जारी है।