पुलिस ने साधारण चेकिंग के दौरान एक तस्कर को पकड़ा। पूछताछ में इसने बताया कि इनके सबसे बड़े ग्राहक युवा वर्ग हैं।
Crime एनसीआर क्षेत्र में युवा वर्ग तेजी से नशे की गर्त में जा रहा है। ऐसा हम नहीं कह रहे बल्कि पुलिस जांच में यह खुलासा हुआ है। मुजफ्फरनगर पुलिस ने साढ़े दस लाख रुपये कीमत के गांजे के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी तस्कर ने पुलिस को बताया कि नशीली वस्तुओं का सबसे बड़ा खरीददार युवा वर्ग है। नशीले पदार्थों की छोटी-छोटी पुड़िया बनाकर बेचा जाता है। इन पुड़िया को खीरदने वाले 90 प्रतिशत ग्राहक युवा वर्ग हैं।
मुजफ्फरनगर की रतनपुरी थाना पुलिस गांव सठेड़ी पुलिया के पास संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस ने एक बाइक सवार एक व्यक्ति को रुकने का इशारा किया तो भागने की कोशिश करने लगा। पुलिस ने पीछा करके इसे पकड़ा तो इसके कब्जे से करीब 20 किलो गांजा बरामद हुआ। बरामद इस नशीले पदार्थ की कीमत करीब साढ़े दस लाख रुपये बताई जा रही है। पकड़े गए आरोपी ने अपना नाम उस्मान पुत्र अलीहसन निवासी ग्राम चन्दसीना थाना रतनपुरी बताया है। पकड़े गए आरोपी ने पुलिस पूछताछ में बताया कि नशीले पदार्थ को खरीदने वाले 90 प्रतिशत युवा हैं।
यह पहली घटना नहीं है। शामली मुजफ्फरनगर, मेरठ और सहारनपुर में पिछले एक वर्ष में सैकड़ों तस्कर गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इनके कब्जे से करोड़ों रुपये कीमत के नशीले पदार्थ बरामद किए जा चुके हैं। पकड़े गए अधिकांश लोगों ने यही बताया कि अधिकांश माल युवा वर्ग खरीदता है। इससे साफ है कि युवा पीढ़ी नशे की गर्त में जा रही है। हालांकि सहारनपुर में मंडल में चलाए जा रहे ऑपरेशन नया सवेरा और ऑपरेशन व्हाइट पाउडर से नशा तस्करों की काफी कमर टूटी है लेकिन अभ भी यह काला कारोबार पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है। इसका सहज अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक तस्कर मुजफ्फरनगर में खुलेआम साढ़े दस लाख रुपये कीमत के गांजे को लेकर जा रहा था।