इस गिरोह ने एनसीआर समेत यूपी और उत्तराखंड के कई जिलों के लोगों को अपने जाल में फंसाया और करोड़ों रुपये की ठगी कर ली।
Cyber Crime क्रिप्टो निवेश के नाम पर बड़ी ठगी का खुलासा हुआ है। कई राज्यों के लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करने के आरोपी युवक को एसटीएफ ने सहारनपुर से गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपी गिरोह का सरगना बताया जा रहा है। इसके खिलाफ गाजियाबाद के मसूरी थाने में एफआईआर दर्ज थी और पुलिस पिछले कई दिनों से इसकी तलाश कर रही थी। गिरफ्तार आरोपी की पहचान हरियाणा के रहने वाले जितेंद्र राम पुत्र जयचंद्र के रूप में हुई है। जितेंद्र राम हरियाणा के यमुनानगर जिले के थाना बिलासपुर क्षेत्र के गांव रामपुर कांबियां का रहने वाला है।
एसटीएफ को सूचना मिली थी कि क्रिप्टो करेंसी और उसमें निवेश करने के नाम पर लोगों से ठगी की जा रही है। इसी बीच एक अकाउंट से करोड़ों रुपए का लेनदेन भी सामने आया। इसके बाद इस मामले में एसटीएफ के निरीक्षक आकाश सिंह को जिम्मेदारी दी गई। आकाश सिंह ने आगरा से इस मामले की जांच पड़ताल आगरा से शुरू करते हुए जानकारी तलाशना शुरू किया। पता चला कि यह एक संगठित गिरोह है और इस गिरोह का सरगना जितेंद्र राम है। ये गिरोह भोले-भाले लोगों को अपने जाल में फसाता है उनसे कहता है कि आप हमारे साथ क्रिप्टो करेंसी में निवेश करिए दोगुना और तीनगुना रिटर्न मिलेगा।
पुलिस इस गिरोह के सदस्यों की तलाश कर रही थी। इसी बीच सूचना मिली कि इस गिरोह का एक सदस्य सहारनपुर में दिल्ली रोड पर कोलाबा रेस्टोरेंट के पास मौजूद है। इस सूचना पर एसटीएफ वहां पहुंच जाती है और योजना के तहत गिरोह के एक सदस्य को दबोच लिया जाता है। प्राथमिक पूछताछ में पता चलता है कि पकड़ा गया आरोपी गिरोह का संचालन करता है। यानी पकड़ा गया आरोपी ही गिरोह का सरगना है। इसने पूछताछ में बताया कि इसके साथ मोहित राणा, गौरव सिंह और गीता हाजिर समेत कई लोग शामिल हैं।
इनका गिरोह अलग-अलग राज्यों के अलग-अलग जिलों में अपने एजेंट रखता है। ये लोग इंटरनेट के माध्यम से इन एजेंट से जुड़े रहते हैं। एजेंट लोगों से सी-प्राइम कैपिटल के जरिए निवेश कराते हैं। मोटे रिटर्न का झांसा दिया जाता है। इस तरह से ठगी की जाती है। इन्होंने बताया कि ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी के नाम पर हम लोगों के पास जाते हैं और उन्हें भरोसा दिलाते हैं कि अच्छा रिटर्न मिलेगा। कुछ लोगों को शुरू में रिटर्न दिलाते भी हैं फिर उनका उदाहरण देकर दूसरे लोगों का पैसा लगवाते हैं।