Crime दंपति से ठगों ने कहा कि आपके नाम पर खुलवाए गए बैंक खाते से 500 करोड़ का लेनदेन हुआ। यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला है।
Cyber Crime राजधानी दिल्ली में साइबर ठगी का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक बुजुर्ग एनआरआई दंपति को डिजिटल अरेस्ट के जाल में फंसाकर उनसे करीब 14.85 करोड़ रुपये की ठगी कर ली गई। ठगों ने खुद को TRAI और मुंबई पुलिस का अधिकारी बताया। इस दौरान दंपति को इतना डरा दिया कि उन्हे 15 दिनों तक अपने दबाव में रखा।
77 वर्षीय इंदिरा तनेजा और 81 वर्षीय इनके पति ओम तनेजा NRI हैं। यह दोनों दिल्ली के पॉश इलाके ग्रेटर कैलाश-2 में रहते हैं। जब इन्हे पता चला कि इनके साथ ठगी हुई तो इन्हे अपनी गलती का अहसास हुआ और इन्होंने पुलिस के सामने ही कहा कि हमसे बड़ी भूल हो गई हमें पहले ही पुलिस के पास आ जाना चाहिए था। पंद्रह दिन बाद जानकारी मिलने पर अब पुलिस ने इस मामले की छानबीन शुरू की है।
पीड़ित दंपति ने बताया कि, 24 दिसंबर की दोपहर इंदिरा तनेजा के नंबर पर एक फोन कॉल आई। कॉलर ने खुद को भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण TRAI का अधिकारी बताते हुए कहा कि, इंदिरा के नाम से जुड़े एक नंबर से आपत्तिजनक कॉल की गई हैं। इस संबंध में कई शिकायतें दर्ज हुई हैं।
जब इंदिरा ने उस नंबर से किसी भी तरह के संबंध से इनकार किया तो ठग ने उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में फंसाने की धमकी देने शुरू की। आरोप लगाया गया कि उनके खाते में काले धन की संदिग्ध ट्रांजक्शन मिली हैं। इसी आधार पर उनके खिलाफ FIR दर्ज की जा चुकी है।
इसके बाद इंदिरा को वीडियो कॉल के जरिए मुंबई के कोलाबा पुलिस स्टेशन के एक कथित अधिकारी से कांफ्रेस पर जोड़ा जाता है। वर्दी पहने इस व्यक्ति ने अपना नाम विक्रांत सिंह राजपूत बताया। इसकी बैकग्राउंड में पुलिस का लोगो और माहौल देखकर दंपती को उसकी बातों पर भरोसा हो गया।
ठग ने दावा किया कि केनरा बैंक में इंदिरा के नाम से एक बैंक खाता खोला गया है जिससे करोड़ों रुपये का लेन-देन हुआ है। साथ ही एक व्यक्ति की तस्वीर दिखाकर पूछा गया कि क्या वे उसे पहचानती हैं। इंदिरा ने साफ कहा कि उन्होंने उस व्यक्ति को कभी नहीं देखा।
साइबर ठग यहीं नहीं रुकते इसके बाद वह दंपति को डराने के लिए कहते हैं कि मामला 500 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी से जुड़ा है। यह अब राष्ट्रीय सुरक्षा का विषय बन चुका है। दंपती को चेतावनी दी गई कि अगर उन्होंने किसी को भी इसकी जानकारी दी तो उनकी जान को खतरा हो सकता है। उन्हे घर में ही मार दिया जा सकता है। जांच के नाम पर ठगों ने दंपती को किसी से संपर्क न करने और खातों से रकम ट्रांसफर करने को मजबूर किया। इसी मानसिक दबाव के बीच दंपती से धीरे-धीरे करके करीब 14.85 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए।
दिल्ली पुलिस अब इस मामले की जांच कर रही है। पुलिस इन ठगों तक पहुंच पाएगी और दंपति का पैसा वापस मिलेगा या नहीं यह तो अब जांच में पचा तलेगा लेकिन पुलिस इस घटना के बाद एक बार फिर लोगों से अपील की है कि ऐसे किसी जाल में ना फंसे। पुलिस या किसी भी सरकारी एजेंसी के नाम पर आने वाले कॉल या वीडियो कॉल से सतर्क रहें सावधान रहें। यदि ऐसा होता है तो तुरंत इसकी जानकारी नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर क्राइम के नंबरों पर दें।