
Delhi New Road Project: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए एक बड़ी सड़क परियोजना पर काम चल रहा है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 1 जुलाई को एनएच-148एई (NH-148AE) के तहत 8.1 किलोमीटर लंबे छह लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड कॉरिडोर को स्वीकृति दी। इस परियोजना की अनुमानित लागत 6,969.67 करोड़ रुपये है और इसका निर्माण भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) करेगा। यह कॉरिडोर द्वारका एक्सप्रेसवे के शिव मूर्ति इंटरचेंज को वसंत कुंज स्थित नेल्सन मंडेला मार्ग से जोड़ेगा, जिससे पश्चिम और दक्षिण दिल्ली के बीच आवाजाही आसान और तेज होगी।
परियोजना के अनुसार, इस कॉरिडोर में 2.556 किमी लंबा एलिवेटेड रोड, 3.14 किमी ट्विन-ट्यूब टनल, 0.980 किमी टनल अप्रोच रैंप, 0.554 किमी आरई वॉल के साथ अप्रोच और करीब 0.870 किमी ग्राउंड-लेवल सड़क बनाई जाएगी। इसके मुख्य कैरिजवे की लंबाई 6.3 किमी होगी।
इस परियोजना का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा 3.14 किलोमीटर लंबी ट्विन-ट्यूब सुरंग होगी। इसमें से करीब 1.98 किलोमीटर हिस्सा रंगपुरी रिज (Southern Ridge) के नीचे से गुजरेगा। यह शिवमूर्ति इंटरचेंज से शुरू होगी और नेल्सन मंडेला मार्ग और महिपालपुर छतरपुर रोड के चौराहे से पहले समाप्त होगी।
दक्षिणी रिज दिल्ली का एक पर्यावरणीय रूप से संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। ऐसे में सुरंग के जरिए सड़क को भूमिगत बनाया जाएगा, ताकि सतह पर पर्यावरणीय प्रभाव कम से कम पड़े।
इस कॉरिडोर के बनने से गुरुग्राम, द्वारका, IGI एयरपोर्ट और पश्चिमी दिल्ली से दक्षिण दिल्ली जाने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। सरकार का कहना है कि इस परियोजना से महिपालपुर, रंगपुरी और एयरपोर्ट कॉरिडोर पर यातायात का दबाव कम होगा और लोगों को बिना रुकावट बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। यह नया कॉरिडोर द्वारका एक्सप्रेसवे और व्यापक NCR रोड नेटवर्क से भी जुड़ेगा, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।
एनएचएआई एम्स और महिपालपुर के बीच एक एलिवेटेड कॉरिडोर का भी प्रस्ताव कर रहा है। यह लिंक सुरंग को बारापुल्ला एलिवेटेड रोड से जोड़ेगा, जिससे पश्चिम दिल्ली और दक्षिण दिल्ली पूर्वी दिल्ली, गाजियाबाद और नोएडा से जुड़ जाएंगे।