
Delhi Air Quality: दिल्ली में वायु प्रदूषण ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। राजधानी में AQI 494 तक पहुंचने से जहरीली हवा का खतरा और बढ़ गया है। इस सीजन में पहली बार दिल्ली की हवा 'बेहद खराब' श्रेणी में दर्ज की गई। हालात को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने GRAP-2 लागू कर दिया है। इसके तहत पार्किंग शुल्क बढ़ाने और सरकारी दफ्तरों के समय में बदलाव जैसे कदम उठाए जाएंगे। वहीं, दिल्ली मेट्रो मंगलवार से 20 अतिरिक्त फेरे भी चलाएगी। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में हवा की धीमी गति और वातावरण में नमी का अधिक होना प्रदूषण के बढ़ने की मुख्य वजह है। भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM) की रिपोर्ट के अनुसार, कुल प्रदूषण में लगभग 31 फीसदी हिस्सा स्थानीय स्रोतों का है, जबकि करीब 69 फीसदी प्रदूषण बाहरी इलाकों से आ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में त्योहारों के सीजन और पराली जलाने की घटनाओं के बढ़ने से स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण हो सकती है। फिलहाल, दिल्ली के कई इलाकों में हवा 'बेहद खराब' श्रेणी में दर्ज की जा रही है, जिससे सांस लेने में परेशानी और आंखों में जलन जैसी समस्याएं सामने आने लगी हैं।
सामने आए आंकड़ों के अनुसार, राजधानी में प्रदूषण का सबसे बड़ा एकल स्रोत वाहनों से निकलने वाला धुआं है, जिसकी हिस्सेदारी कुल प्रदूषण में करीब 20 प्रतिशत तक दर्ज की गई है। शहर के कई प्रमुख निगरानी केंद्रों पर स्थिति गंभीर बनी हुई है-
जहांगीरपुरी: AQI 438 (गंभीर श्रेणी)
रोहिणी: AQI 417
पंजाबी बाग: AQI 414
अलीपुर: AQI 396
विवेक विहार: AQI 391
बढ़ते प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार ने कई पाबंदियां और विशेष इंतजाम किए हैं-
सोमवार को पूरे शहर में धुंध की परत छाई रही, जिससे तापमान में भी हल्की गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, न्यूनतम तापमान सामान्य के आसपास बना हुआ है, जबकि आने वाले कुछ दिनों तक सुबह और शाम के वक्त हवा की रफ्तार कम रहने के कारण प्रदूषण से राहत मिलने की तुरंत उम्मीद नहीं है। प्रशासन ने बुजुर्गों, बच्चों और सांस के मरीजों को सुबह के वक्त घरों से बाहर निकलने पर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।