Sukesh Chandrashekhar: दिल्ली कोर्ट ने 200 करोड़ की ठगी के आरोपी सुकेश चंद्रशेखर को जमानत दी। अदालत ने कहा कि लंबे समय तक कैद मौलिक अधिकारों का हनन है।
Sukesh Chandrashekhar Bail:दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर को 200 करोड़ रुपये की रंगदारी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जमानत दे दी है। अदालत ने फैसला सुनाते हुए कहा कि लंबे समय तक जेल में रखना व्यक्तिगत स्वतंत्रता और त्वरित सुनवाई (Speedy Trial) के मौलिक अधिकार का उल्लंघन है।
आपको बता दें कि सुनवाई के दौरान अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि लंबे समय तक जेल में रखना व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का हनन है, इसलिए उसे जमानत दी जा रही है। हालांकि, इस आदेश के बावजूद सुकेश की जेल से तत्काल रिहाई संभव नहीं दिख रही है, क्योंकि उसे बाहर आने के लिए उसके खिलाफ चल रहे अन्य कई आपराधिक मामलों में भी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी और उन मामलों में भी जमानत की शर्तों को पार करना होगा।
अदालत ने सुकेश चंद्रशेखर को जमानत देते समय गवाहों से संपर्क न करने, अपना मोबाइल नंबर व पता जांच अधिकारी को साझा करने और बिना अनुमति देश न छोड़ने जैसी कड़ी शर्तें रखी हैं, साथ ही उसे अपना पासपोर्ट भी सरेंडर करना होगा। वहीं, पिछले साढ़े तीन साल से जेल में बंद उसकी पत्नी लीना मारिया पॉल की जमानत पर पेंच फंसा हुआ है, जिसका दिल्ली पुलिस ने उसे संगठित अपराध सिंडिकेट की 'को-हेड' बताते हुए कड़ा विरोध किया है; हालांकि, लीना के वकीलों ने जैकलीन फर्नांडिस व अन्य सह-आरोपियों को मिली राहत का हवाला देते हुए PMLA की विशेष धाराओं के तहत समानता के आधार पर जमानत की पुरजोर मांग की है।
फिलहाल यह मामला ट्रायल कोर्ट में आरोपों पर बहस के चरण में है। सुकेश, उसकी पत्नी और अन्य आरोपियों पर मकोका (MCOCA) के साथ-साथ रंगदारी और मनी लॉन्ड्रिंग की गंभीर धाराएं लगी हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोपियों का आचरण और अपराध की गंभीरता को देखते हुए उन्हें राहत नहीं मिलनी चाहिए।