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‘अब एक साथ होने का समय आ गया’, कॉकरोच जनता पार्टी का संस्थापक लौटेगा भारत, दिल्ली में धरने का किया ऐलान

सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके 6 जून को दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन का ऐलान किया हैं। उनका मुख्य उद्देश्य परीक्षा विवादों और कथित प्रशासनिक विफलताओं के मुद्दे पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की जवाबदेही तय करने की मांग उठाना है।
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नई दिल्ली

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Himadri Joshi

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Updated: 1 Jun 2026, 3:24 PM IST

Cockroach Janta Party Protest

Cockroach Janta Party Protest (AI Image)

देश में पिछले कुछ समय से नीट पेपर लीक को लेकर भारी विद्रोह देखने को मिल रहा है। परीक्षा प्रबंधन में गड़बड़ियों को लेकर देश के युवा काफी नाराज है। इसी बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने 6 जून को नई दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की घोषणा की है। उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि परीक्षा प्रणाली से जुड़ी लगातार समस्याओं के लिए जवाबदेही तय होना जरूरी है। यह उनके राजनीतिक अभियान की शुरुआत के बाद भारत की पहली यात्रा भी होगी।

जवाबदेही तय करना जरूरी - अभिजीत दिपके

अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो संदेश में कहा कि एनईईटी, सीबीएसई, सीयूईटी और एसएससी जीडी जैसी परीक्षाओं से जुड़े विवादों ने बड़ी संख्या में छात्रों को प्रभावित किया है। उनके अनुसार करोड़ों छात्र अपने भविष्य को लेकर असमंजस और तनाव का सामना कर रहे हैं। दिपके का कहना है कि यदि इतनी बड़ी प्रशासनिक त्रुटियों के बाद भी कोई जिम्मेदारी तय नहीं होती, तो इससे व्यवस्था पर लोगों का भरोसा कमजोर होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि गलतियों का सबसे अधिक असर छात्रों पर पड़ता है, जबकि निर्णय लेने वाले तंत्र पर अपेक्षित जवाबदेही दिखाई नहीं देती।

आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक और अहिंसक रहेगा

दिपके ने बताया कि वह 6 जून की सुबह दिल्ली पहुंचेंगे और अपने समर्थकों के साथ संसद मार्ग पुलिस स्टेशन जाकर जंतर मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति मांगेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनका आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक और अहिंसक रहेगा। उनके अनुसार भारतीय संविधान नागरिकों को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने और सरकार से जवाब मांगने का अधिकार देता है। उन्होंने छात्रों, युवाओं और अपने समर्थकों से इस अभियान में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनभागीदारी के माध्यम से ही महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाया जा सकता है।

नौकरी प्रस्ताव स्वीकार करने की बजाय भारत आए दिपके

अपने संदेश में कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक ने यह भी कहा कि उनके परिवार और मित्रों को आशंका है कि भारत लौटने पर उन्हें कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि उन्होंने उम्मीद जताई कि लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति मिलेगी। अभिजीत दिपके ने स्वयं को महात्मा गांधी, डॉ. भीमराव आंबेडकर, भगत सिंह और जवाहरलाल नेहरू के विचारों का प्रशंसक बताते हुए कहा कि लोकतंत्र में असहमति व्यक्त करना नागरिक अधिकार है। उन्होंने यह भी दावा किया कि हाल के दिनों में उन्हें कई नौकरी प्रस्ताव मिले, लेकिन उन्होंने उन्हें स्वीकार करने के बजाय भारत लौटकर छात्रों के मुद्दों पर आवाज उठाने का निर्णय लिया। उनके अनुसार देश के भविष्य से जुड़े प्रश्नों पर नागरिकों को सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।