
Crime News
Crime News: हरियाणा के कुरुक्षेत्र में स्थित लोक नायक जय प्रकाश जिला सिविल अस्पताल (LNJP) में डॉक्टर द्वारा एक नाबालिग लड़की की यौन शोषणा की घटना सामने आई है। इस वारदात को रिटायड के बाद फिर से नौकरी पर रखगे गए डॉक्टर ने अंजाम दिया है। डॉक्टर को धरती पर भगवान का दर्ज किया गया है। अब ये भगवान ही बेटियों की आबरू लूट रहे है।
आरोपी डॉक्टर शैलेंद्र कुमार शैली फरार है। अस्पताल से प्रिंसिपल मेडिकल ऑफिसर के पद से रिटायर्ड हुआ था, लेकिन बाद में उसे इसी सरकारी अस्पताल में कंसल्टेंट के तौर पर फिर से नौकरी पर रख लिया गया था।
पीड़ित लड़की को पेट दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि अस्पताल में कंसल्टेंट डॉक्टर के तौर पर काम कर रहे शैलेंद्र शैली ने इस नाबालिग लड़की को भर्ती किया था और बाद में OPD में उसके साथ कई बार घिनौना काम किया।
इस घटना के बाद सरकार ने आरोपी डॉक्टर की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी हैं और उसे नौकरी से बर्खास्त कर दिया है।
इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर उपेंद्र सिंह ने बताया कि नाबालिग लड़की को फीमेल वार्ड में भर्ती किया गया था। 29 मई की रात करीब 8:30 बजे, अत्यधिक रक्तस्राव (ब्लीडिंग) की शिकायत के बाद उसे इमरजेंसी विभाग में शिफ्ट किया गया। उस समय नाबालिग लड़की ने खुलासा किया कि OPD में कई मौकों पर उसके साथ यौन शोषण किया गया था।
यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम के तहत, पीड़ित लड़की का मेडिकल परीक्षण कराया गया, उसकी काउंसलिंग की गई और उसका बयान दर्ज किया गया। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय पुलिस स्टेशन में POCSO अधिनियम की धारा 10 और 6 के तहत एक मामला दर्ज किया गया है।
स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक सुमिता मिश्रा ने रविवार को मामले की गंभीरता को देखते हुए, डॉक्टर की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का आदेश दिया।
पुलिस के अनुसार, पीड़ित लड़की के पिता ने शिकायत की है कि चेक-अप के बहाने आरोपी डॉक्टर ने लड़की को जांच-बिस्तर (एग्जामिनेशन बेड) पर लिटाया, उसके सीने को दबाया और फिर उसके साथ यौन शोषण किया। इसके कारण लड़की को दर्द और रक्तस्राव होने लगा, बाद डॉक्टर ने लड़की को फीमेल वार्ड में भर्ती करा दिया और खुद अस्पताल से फरार हो गया।
डॉक्टर उपेंद्र सिंह ने बताया कि जब 29 मई को पेट दर्द की शिकायत के साथ पीड़ित लड़की को फीमेल वार्ड में भर्ती किया गया था, तब उसके पिता भी किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या के कारण अस्पताल में भर्ती थे और आरोपी डॉक्टर ही उनका भी इलाज कर रहा था।
Updated on:
1 Jun 2026, 2:59 PM IST
Published on:
1 Jun 2026, 2:57 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.