
1993 मुंबई ब्लास्ट के जैसा भारत को फिर दहलाने की थी कोशिश, 9 अरेस्ट (AI जनरेटेड इमेज)
Underworld Terror Module:पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI भारत में बड़े आतंकी हमले करने के लिए एक बार फिर दाऊद इब्राहिम के अंडरवर्ल्ड नेटवर्क D-Company को एक्टिव कर रही है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने हाल ही में दाऊद के एक बड़े मॉड्यूल का पर्दाफाश करके 9 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है।
जांच में सामने आया है कि ISI बिल्कुल 1993 के मुंबई सीरियल ब्लास्ट वाला पुराना फॉर्मूला दोहराना चाहती है। उस समय भी हथियारों की तस्करी, लॉजिस्टिक्स और धमाकों को अंजाम देने का सारा काम अंडरवर्ल्ड ने ही किया था, जबकि ISI ने सिर्फ फंडिंग और ट्रेनिंग दी थी।
1993 के बाद ISI ने अंडरवर्ल्ड का इस्तेमाल सीधे हमलों के लिए बंद कर दिया था और वे सिर्फ ड्रग्स के धंधे से टेरर फंडिंग कर रहे थे। लेकिन अब, भारत को दहलाने के लिए ISI ने 'झिंगाड़ा-भट्टी' का नया कॉम्बिनेशन बनाया है। इसमें दाऊद का करीबी मुन्ना झिंगाड़ा पूरे मॉड्यूल को संभाल रहा था और ISI एजेंट शहजाद भट्टी नए लड़कों की भर्ती और प्लानिंग का काम देख रहा था।
इस समय पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैसे जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा भारतीय सेना की कड़ाई के कारण बैकफुट पर हैं। साथ ही, इन संगठनों और पाकिस्तान के आकाओं के बीच भरोसे की कमी चल रही है। यही वजह है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI अब भारत में तबाही मचाने के लिए अपने पुराने मोहरे यानी अंडरवर्ल्ड दाऊद गैंग का इस्तेमाल कर रही है। कुछ साल पहले भी दाऊद गैंग द्वारा गुजरात और देश के अन्य हिस्सों में हिंदू नेताओं को निशाना बनाने की साजिश सामने आई थी।
मुन्ना झिंगाडा यह मूल रूप से मुंबई के जोगेश्वरी का रहने वाला है और भारत के माहौल को अच्छी तरह जानता है। बैंकॉक में छोटा राजन पर हमले के बाद इसे थाईलैंड में गिरफ्तार किया गया था। तब पाकिस्तान ने नकली पासपोर्ट के आधार पर इसे अपना नागरिक बताकर बचा लिया था। जेल में रहने के दौरान झिंगाडा ने नेपाल के रहने वाले लामा कामी को अपने साथ मिलाया, जिसे दिल्ली पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। कामी इस गैंग के लिए पैसों और हथियारों का इंतजाम कर रहा था।
वहीं शहजाद भट्टी सोशल मीडिया के जरिए भारत के खिलाफ नफरत फैलाकर यहां के युवाओं को इस आतंकी मॉड्यूल में शामिल करने का काम कर रहा है।
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यह अंडरवर्ल्ड नेटवर्क भारत के लोकल गैंगस्टरों और युवाओं को लालच देकर अपने साथ मिलाने की कोशिश करेगा। इनके निशाने पर मुख्य रूप से धार्मिक स्थल, रेलवे स्टेशन और देश के वीआईपी (VIP) लोग हैं।
Updated on:
01 Jun 2026 03:21 pm
Published on:
01 Jun 2026 03:21 pm
