Delhi Cyber Police: दिल्ली की शाहदरा जिला साइबर पुलिस ने डेटिंग ऐप के जरिए से लोगों को जाल में फंसाकर ब्लैकमेल करने वाले सेक्सटॉर्शन गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने राजस्थान के डीग से एक शिक्षित आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसके फोन से 150 से अधिक अश्लील वीडियो मिले हैं।
Dating App Scam India: डिजिटल दुनिया में बढ़ते अपराधों के बीच दिल्ली पुलिस को साइबर ठगी के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी मिली है। शाहदरा जिले की साइबर थाना पुलिस ने ऑनलाइन दोस्ती के नाम पर लोगों का अश्लील वीडियो बनाकर मोटी रकम वसूलने वाले एक शातिर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में पुलिस ने राजस्थान के डीग भरतपुर क्षेत्र से अरमान नाम के 23 वर्षीय युवक को दबोचा है। आरोपी के पास से दो मोबाइल फोन, 11 सिम कार्ड व अन्य सामान बरामद किया है, जिनका इस्तेमाल निर्दोष लोगों को ठगने के लिए करता था।
पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह का शिकार बने एक पीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल NCRP पर शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित ने बताया कि सोशल मीडिया पर लड़की बनकर आरोपियों ने पहले उससे संपर्क किया और फिर वीडियो कॉल के दौरान धोखे से उसका एक आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। इसके बाद वीडियो को इंटरनेट पर वायरल करने की धमकी देकर पीड़ित से लगभग एक लाख रुपये वसूल लिए गए। जब आरोपियों का लालच और बढ़ा, तब पीड़ित ने कानून का दरवाजा खटखटाया।
शिकायत मिलने के बाद इंस्पेक्टर श्वेता शर्मा के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस, कॉल डिटेल रिकॉर्ड CDR और बैंक खातों की कड़ियों को जोड़ते हुए राजस्थान के डीग जिले के लडामका गांव में छापेमारी की। वहां से मुख्य आरोपी अरमान को गिरफ्तार किया गया। पुलिस को तलाशी के दौरान आरोपी के फोन से 150 अश्लील वीडियो, 2 मोबाइल फोन और 11 सक्रिय सिम कार्ड मिले हैं, जिससे साफ होता है कि यह नेटवर्क बहुत बड़े पैमाने पर चल रहा था।
पूछताछ में आरोपी अरमान ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। वह बीकॉम डिग्री पास है, लेकिन नौकरी न मिलने के कारण उसने जल्द पैसे कमाने के लिए अपराध का रास्ता चुन लिया। उसने बताया कि उसके इलाके के कई अन्य युवक भी इसी तरह के साइबर अपराधों में शामिल हैं। वे इंस्टाग्राम पर अमीर और सीधे-साधे लोगों की प्रोफाइल देखकर उन्हें टारगेट करते थे। नकली महिला प्रोफाइल के जरिए उनसे व्हाट्सएप नंबर लिया जाता था और फिर प्री-रिकॉर्डेड अश्लील वीडियो चलाकर पीड़ितों को जाल में फंसाया जाता था।