
Delhi SDERF: दिल्ली में अब किसी बड़े हादसे या आपदा के समय राहत और बचाव के लिए सरकार अपनी टीम तैयार करने जा रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर स्टेट डिजास्टर इमरजेंसी रिलीफ फोर्स (SDERF) बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस फोर्स का काम आपदा की स्थिति में तुरंत मौके पर पहुंचना और राहत-बचाव में जुटना होगा।
इसी सिलसिले में दिल्ली सचिवालय में NDRF के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक हुई। इसमें दिल्ली की अपनी राहत फोर्स को लेकर जरूरी जानकारी ली गई। सरकार यह चाहती है कि दिल्ली के पास ऐसी प्रशिक्षित टीम हो, जो किसी भी आपात स्थिति में बिना देर किए काम शुरू कर सके।
राजधानी में बारिश और जलभराव से लेकर इमारत गिरने जैसे हादसे होते रहते हैं। ऐसे समय में अगर दिल्ली के पास अपनी प्रशिक्षित टीम होगी तो शुरुआती राहत का काम तेजी से शुरू किया जा सकेगा। जरूरत पड़ने पर SDERF की टीम NDRF और दूसरी राहत एजेंसियों के साथ मिलकर भी काम करेगी।
दिल्ली सरकार की यह तैयारी हाल में हुए सत्य निकेतन हादसे के बाद और अहम हो गई है। हादसे के बाद राहत और बचाव के काम में NDRF की टीम ने तेजी से काम किया था। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने NDRF की टीम के काम और तालमेल की तारीफ की।
हादसे के बाद मुख्यमंत्री ने सुरक्षा को लेकर भी कई कदम उठाए। 8 सितंबर को उन्होंने हादसे वाली जगह के पास बनी जर्जर इमारत को गिराने के निर्देश दिए थे। दिल्ली फायर सर्विस के कर्मचारियों ने इमारत के अंदर रखा छात्रों का सामान भी सुरक्षित बाहर निकाला।
उसी दिन मुख्यमंत्री AIIMS पहुंचीं और हादसे में घायल छात्रों से मुलाकात की। उन्होंने उनके इलाज की जानकारी ली और परिवारों से भी बात की। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि हादसे में घायल सभी छात्रों के इलाज का पूरा खर्च दिल्ली सरकार उठाएगी और उन्हें हर संभव मदद दी जाएगी।
अब सरकार SDERF को लेकर आगे की तैयारी कर रही है। इस फोर्स में कितने लोग होंगे, उन्हें किस तरह की ट्रेनिंग दी जाएगी और उनके पास कौन-कौन से उपकरण होंगे, इन बातों पर आगे फैसला होगा।
सरकार का मकसद साफ है कि दिल्ली में जब भी कोई बड़ा हादसा या आपदा आए तो राहत के लिए सिर्फ दूसरी एजेंसियों का इंतजार न करना पड़े। अपनी प्रशिक्षित टीम होने से दिल्ली में शुरुआती मदद और बचाव का काम ज्यादा तेजी से शुरू किया जा सकेगा।