
Delhi Electricity Bill Hike: दिल्ली में बिजली बिल बढ़ने की खबर से व्यापारियों और फैक्ट्री मालिकों की चिंता बढ़ गई है। दरअसल, दिल्ली विद्युत नियामक आयोग (DERC) ने बिजली वितरण कंपनियों को फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट चार्ज (FPPAS) यानी PPAC बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। इसके बाद लोगों को बिजली के लिए ज्यादा पैसे चुकाने पड़ेंगे। व्यापारियों का कहना है कि इससे कारोबार की लागत और बढ़ जाएगी। इसी को लेकर चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को चिट्ठी लिखकर अपनी चिंता जाहिर की है। व्यापारियों का कहना है कि अगर बिजली के दाम लगातार बढ़ते रहे तो दिल्ली में कारोबार करना मुश्किल हो जाएगा।
CTI ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को लिखी चिट्ठी में कहा है कि PPAC चार्ज बढ़ने से व्यापारियों और फैक्ट्री मालिकों के बिजली बिल काफी बढ़ जाएंगे। संगठन का कहना है कि इससे कारोबार चलाने का खर्च भी बढ़ेगा। साथ ही उनका कहना है कि दिल्ली में बिजली हरियाणा व उत्तर प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों के मुकाबले ज्यादा महंगी हो जाएगी। व्यापारियों ने कहा कि बढ़ते बिजली बिल का बोझ खासकर छोटे और मध्यम कारोबारियों पर पड़ेगा। चिट्ठी में यह भी कहा गया है कि अगर ऐसा ही रहा तो दिल्ली में कारोबार करना मुश्किल हो जाएगा और दूसरे राज्यों में कारोबार करने पर विचार किया जाएगा।
PPAC यानी पावर परचेज एडजस्टमेंट चार्ज एक अतिरिक्त शुल्क होता है, जिसे बिजली कंपनियां अपने बढ़े हुए खर्च की भरपाई के लिए उपभोक्ताओं के बिल में जोड़ती हैं। जब बिजली बनाने या खरीदने की लागत बढ़ जाती है, तो उसका असर सीधे PPAC पर पड़ता है। अधिकारियों के अनुसार अप्रैल महीने में बढ़ते तापमान के कारण बिजली की मांग में काफी वृद्धि हुई थी। मांग पूरी करने के लिए बिजली वितरण कंपनियों को खुले बाजार से महंगी बिजली खरीदनी पड़ी, जिससे उनकी लागत बढ़ गई। इसी लागत की भरपाई के लिए PPAC में संशोधन किया गया है।
बिजली बिल में बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा असर BYPL यानी पूर्वी और मध्य दिल्ली के लोगों पर पड़ सकता है। यहां PPAC चार्ज 11.7% से बढ़ाकर 17.4% कर दिया गया है। वहीं BRPL यानी दक्षिण और पश्चिमी दिल्ली के इलाकों में यह 14.5% से बढ़कर 17.9% हो गया है। दूसरी तरफ TPDDL के इलाकों में PPAC में बहुत मामूली बढ़ोतरी हुई है, इसलिए वहां रहने वाले लोगों के बिजली बिल पर ज्यादा असर पड़ने की संभावना नहीं है।
वहीं अधिकारियों ने साफ किया है कि PPAC बढ़ने के बावजूद दिल्ली सरकार की बिजली सब्सिडी योजना में कोई बदलाव नहीं होगा।
PPAC बढ़ने के बाद कुछ इलाकों के लोगों को हर महीने बिजली के लिए पहले से ज्यादा पैसे चुकाने पड़ेंगे। BRPL क्षेत्र में 200 यूनिट बिजली खर्च करने पर बिल में 23 रुपये, 400 यूनिट पर 56 रुपये और 600 यूनिट पर 102 रुपये तक की बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं BYPL क्षेत्र के उपभोक्ताओं पर इसका असर और ज्यादा दिखेगा। यहां 200 यूनिट बिजली खर्च करने पर बिल 38 रुपये, 400 यूनिट पर 92 रुपये और 600 यूनिट पर लगभग 170 रुपये तक बढ़ सकता है। हालांकि TPDDL क्षेत्र के लोगों को राहत मिलेगी, क्योंकि यहां PPAC में सिर्फ 0.1% की बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में 200, 400 या 600 यूनिट बिजली खर्च करने वाले उपभोक्ताओं के बिल में लगभग कोई बदलाव नहीं होगा।